

Highlights:
उर्सला अस्पताल में मेडिकल के लिए भटक रहे घायल, 9 दिन बाद भी नहीं हुई जांच
दो डॉक्टरों के जेल जाने के बाद उर्सला अस्पताल में मेडिकल व्यवस्था प्रभावित
कानपुर में घायल पंचायत सचिव का 9 दिन से नहीं हुआ मेडिकल
उर्सला अस्पताल के डॉक्टर मेडिकल करने से कर रहे इनकार
Kanpur Ursala Hospital Medical Negligence: उर्सला अस्पताल के दो डॉक्टरों के जेल जाने के बाद से उर्सला अस्पताल में पुलिस द्वारा ले जाए जा रहे घायलों और पीड़ितों के मेडिकल के लिए पुलिस को घायलों को लेकर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उर्सला अस्पताल में घायलों का मेडिकल नहीं किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा के मेडिकल के दौरान अवैध रूप से वसूली करने के मामले में पुलिस ने दो डॉक्टर ईएनटी डॉक्टर प्रवीण कुमार और ईएनटी सर्जन डॉ महेश कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
कानपुर कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन के ककवन थाना क्षेत्र में दबंग प्रधान पति ने पंचायत सचिव निशांत शर्मा के ऊपर जानलेवा हमला करते हुए मारपीट की थी। खून से लथपथ सचिव थाने पहुंचे हालांकि थाने में उनका मुकदमा तो पंजीकृत कर लिया गया, लेकिन इसके बाद से पुलिसकर्मी उनको लेकर उर्सला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ककवन के डॉक्टर ने सचिव निशांत शर्मा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें उर्सला अस्पताल रेफर किया था। लेकिन उर्सला अस्पताल में पिछले 9 दिनों से पुलिसकर्मी निशांत शर्मा को लेकर जा रहे हैं, उनका मेडिकल नहीं कराया जा रहा है। डॉक्टर उनका मेडिकल करने से इनकार कर रहे हैं, आए दिन नई तारीख देकर मेडिकल के लिए बुला लेते हैं।
ऐसे में घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित का मेडिकल नहीं हो पाया है, अगर अब पीड़ित का मेडिकल होता है तो क्या जो चोटें 9 दिन पहले पीड़ित को लगी थी वह मेडिकल में आ पाएंगी? यदि इस बीच पीड़ित की जान चली जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
बात निशांत की ही नहीं है, कई ऐसे तीमारदार और घायल उर्सला अस्पताल में इलाज और मेडिकल के लिए डॉक्टर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनका मेडिकल नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है या यू कहे कि डॉक्टर अपनी मनमानी पर उतारू हो गए हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा की लिखित परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों का मेडिकल पुलिस लाइन में कराया जा रहा था। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने मेडिकल कर रहे डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि मेडिकल में पास करने के लिए डॉक्टरों द्वारा अवैध रूप से वसूली की जा रही है।
मौके पर पुलिस पहुंची और घटना की जांच की। जांच में सत्यता पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दो डॉक्टरों और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया और गिरफ्तार कर दोनों डॉक्टर को जेल भेज दिया।
दोनों डॉक्टर के जेल जाने के बाद से ही उर्सला अस्पताल के अन्य डॉक्टरों का रवैया बदल गया है। वह लगातार मेडिकल के लिए चक्कर लगवा रहे हैं। पीड़ितों का मेडिकल नहीं हो पा रहा है। पुलिसकर्मी तक मेडिकल के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
उर्सला अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा हैलेट अस्पताल रेफर किया जा रहा है, और हैलेट अस्पताल उर्सला अस्पताल के डॉक्टर का रेफर लेटर नहीं मान रहे और पीड़ित और पुलिस दोनों को वापस भेज रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर के इस बदले रवैया से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है।