

Kanpur Kakadeo Crime News: कानपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन की काकादेव पुलिस कारोबारी की हत्या के बाद भी सबक नहीं ले रखी है। दबंगों ने छात्रों को बेरहमी से पीटा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसने एक बार फिर से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
कानपुर में 5 सितंबर को काकादेव थाना क्षेत्र के ओम चौराहे पर कुछ दबंग हिस्ट्रीशीटर सड़क पर खड़े होकर पेशाब कर रहे थे। कारोबारी अमित गुप्ता ने उनको सड़क पर पेशाब करने से मना किया जिसके बाद हिस्ट्रीशीटरों ने पीट-पीटकर कारोबारी अमित गुप्ता की हत्या कर दी थी। इस मामले में सेंट्रल जोन की स्वाट टीम ने हिस्ट्रीशीटर संजय ढाबा को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था और हिस्ट्रीशीटर मोनू श्रीवास्तव, कुशल श्रीवास्तव और एक अन्य आरोपी अश्वनी ने कोर्ट में सरेंडर किया था।
इस घटना ने राजनीतिक रूप भी लिया। विपक्ष ने जहां एक ओर सरकार को घेरा वहीं आरोपी हिस्ट्रीशीटरों ने अपना वीडियो वायरल करके भी पुलिस को चुनौती दे दी थी। हालांकि इस घटना को बीत जाने के बाद अभी एक महीना भी नहीं बीता है और फिर से काकादेव थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
जिसमें कुछ दबंग युवक एक छात्र को बेरहमी से ईंट से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं जो कहीं न कहीं कानपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन की काकादेव पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है कि आखिर एक हत्या हो जाने के बाद भी काकादेव थाने की पुलिस इससे सबक क्यों नहीं ले रही।क्या फिर किसी बड़ी घटना के इंतजार में हाथ पैर हाथ धर कर बैठी हुई है।
काकादेव थाना क्षेत्र में रिहायशी क्षेत्र को कोचिंग मंडी के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश ही नहीं अन्य प्रदेशों के भी कई छात्र यहां आईआईटी, मेडिकल एंट्रेंस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं।सैकड़ो की संख्या में हॉस्टल हैं। देर रात तक इस क्षेत्र में दुकानें खुली रहती हैं जिससे शहर के दबंग और हिस्ट्रीशीटरों का जमावड़ा काकादेव में लगा रहता है। स्थानीय पुलिस इस ओर ध्यान नहीं देती।
इसका कारण यह है कि कारोबारी की हत्या के बाद भी जब पुलिस ने पैदल गश्त और चेतावनी देना शुरू नहीं किया तो अंजाम यह रहा कि फिर से काकादेव थाना क्षेत्र में उसी इलाके में जहां कारोबारी की हत्या हुई थी एक बार फिर दबंगों ने छात्रों को बेरहमी से पीटा जिसका वीडियो वायरल हो गया।
कानपुर कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त डॉ विपिन टाडा ने सख्त आदेश जारी करते हुए यह कहा था कि किसी भी क्षेत्र में रात्रि 11:00 के बाद कोई भी दुकान नहीं खोली जाएंगी जिससे होने वाली घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। उन्होंने अपने जारी किए गए आदेश में यह सख्त रूप से लिखा था कि अगर किसी भी थाना क्षेत्र में दुकान खुलती हैं या सड़क पर खड़े होकर लोग शराब पीते हुए पाए जाते हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी की होगी। उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी लेकिन यह आदेश एक बार काकादेव थाना क्षेत्र में कारोबारी अमित गुप्ता की हत्या के बाद हवा हवाई तो साबित होते हुए दिखाई दिए ही थे लेकिन पुलिस की कार्यशैली फिर भी नहीं सुधरी और फिर एक घटना काकादेव थाना क्षेत्र में हो गई।
जो यह दर्शा रही है कि कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के जो आदेश होते हैं वह सिर्फ कागजों में ही दिखाई देते हैं धरातल पर इसका कोई सरोकार नहीं होता। थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी पर जब कार्रवाई नहीं होती तो उनकी भी कार्यशैली लचर हो जाती है। वहीं इस पूरे मामले में डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया वीडियो को संज्ञान में लिया गया है आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।