

Kannauj Mystery Fever Outbreak: कन्नौज के गांव में रहस्यमयी बुखार का कहर इस कदर है कि लोग अब उस गांव में जाने से डरने लगे हैं। इस रहस्यमयी बुखार ने जहां एक ओर एक महिला की जान ले ली वहीं 100 से ज्यादा ग्रामीण इस बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर इलाज शुरू कर दिया है।
पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद हुए जलभराव ने आम लोगों को परेशान तो किया ही अब इस भारी बारिश के दुष्प्रभाव भी सामने आने लगे हैं। अक्सर देखा जाता है कि बारिश के मौसम के बाद बीमारियां तेजी से फैलती हैं। इसके बचाव के प्रयास स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पूर्व से ही किए जाने लगते हैं लेकिन कन्नौज जिले के तालग्राम कोतवाली क्षेत्र स्थित किशनपुर गांव में एक रहस्यमयी बुखार ने लोगों को डरा दिया है।
इस बुखार की चपेट में आकर एक महिला की मौत हो गई है। जिससे लोग दहशत में है। किशनपुर गांव निवासी सियाराम की 50 वर्षीय पत्नी रामलली इस बुखार से पीड़ित थी। निजी चिकित्सकों से इलाज के बाद परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे जहां फायदा नहीं हुआ और रामलली को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मौखिक रूप से डेंगू होने की बात कही।
इसके बाद परिजन रामलली को लेकर कानपुर आ गए थे जहां इलाज के दौरान रामलली की मौत हो गई। रामलली की मौत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची गांव में दहशत फैल गई। आलम यह है कि आसपास के ग्रामीण अपने रिश्तेदारों से मिलने भी इस गांव में जाने से बच रहे हैं।
किशनपुर गांव में फैले बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। दो बार कैंप लगाकर लोगों का इलाज किया गया है लेकिन डॉक्टर अभी यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर यह बुखार कौन सा है। इसके पहले भी कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के रहस्यमय बुखार फैले। लोगों की जान गई लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले से अलर्ट था। ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई गई थी, दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा था लेकिन इस रहस्यमय बुखार ने लोगों को तो दहशत में डाल ही दिया है और स्वास्थ्य विभाग को भी चौकन्ना कर दिया है। रामलली की मौत किस बुखार से हुई डॉक्टर यह पता लगाने में जुटे हैं।
कन्नौज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया की रामलली का इलाज करने वाले डॉक्टर से उन्होंने बातचीत की रामलली में डेंगू जैसे लक्षण थे। रामलली का ब्लड प्लेटलेट्स काउंट काफी कम हो गया था लेकिन मेडिकल जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बाद रामलली की मौत हो गई जिसके चलते ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों से अपील की है कि उन्हें किसी भी तरह का बुखार आए तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवाई ना खाएं। इससे शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि बुखार किस प्रकृति का है और उसमें कौन सी दवाई इस्तेमाल की जानी है। इसकी जानकारी डॉक्टर से ही पूछ कर ले क्योंकि यदि ग्रामीण अपने मन से दवाई लेंगे तो गंभीर स्थिति में दवाइयों का असर कम होगा और लोग गंभीर स्थिति में पहुंचेंगे।