

Agra Food Poisoning Bad Village: आगरा में ग्वालियर रोड स्थित बाद गांव में एक ही परिवार के करीब 12 लोगों के अचानक बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सोमवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ खाना खाया था। परिवार के कुछ सदस्यों ने दूध भी पिया था।
इसके बाद देर रात एक-एक कर परिवार के लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को लूज मोशन की शिकायत हुई तो किसी के पेट में तेज दर्द, चक्कर, बदन दर्द और बुखार जैसे लक्षण सामने आए।
परिवार के लोगों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सभी बीमार लोगों को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि करीब दो दिन तक निजी अस्पताल में उपचार के बावजूद अपेक्षित राहत नहीं मिलने पर मामले की जानकारी किसान नेता श्याम सिंह चाहर को हुई।
उन्होंने परिवार से संपर्क कर मदद की और प्रशासन से बातचीत की। इसके बाद निजी अस्पताल से ही एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर सभी मरीजों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में परिवार के सभी बीमार सदस्यों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी है। विभाग की ओर से परिवार के सदस्यों के रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि बीमारी की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
ग्रामीणों ने गांव में पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गांव में पानी का टीडीएस काफी अधिक है और लंबे समय से पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कहीं दूषित अथवा खराब गुणवत्ता वाले पानी के कारण तो परिवार के इतने लोग एक साथ बीमार नहीं पड़े।
हालांकि, अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीमारी का कारण पानी को नहीं बताया गया है। इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि बाद गांव में पानी के नमूने लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि पानी की गुणवत्ता खराब पाई जाती है तो पूरे गांव के लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
बीमार लोगों में परिवार के मुखिया दरियाव सिंह चाहर के अलावा मुन्नी देवी चाहर, प्रीति चाहर, विमलेश चाहर, नेहा चाहर, रजनी चाहर, सौरव चाहर, आरती चाहर और जतिन चाहर समेत अन्य सदस्य शामिल बताए गए हैं। परिवार के दो मासूम बच्चे भी बीमार हैं और उनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
एक ही परिवार के इतने लोगों के एक साथ बीमार पड़ने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार है। रक्त के नमूनों और अन्य जांचों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि परिवार के सदस्यों की तबीयत एक साथ बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या रही।