लखनऊ हादसे के बाद गोरखपुर में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन सख्त, 16 को नोटिस; कई संचालक फरार
Gorakhpur Coaching Inspection: लखनऊ हादसे के बाद गोरखपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज हो गई है। प्रशासन की संयुक्त टीम ने 16 संस्थानों को नोटिस जारी किया है।
- Reported By: अरविन्द श्रीवास्तव | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
जांच करते अधिकारी (सोर्स-फोटो नवभारत)
Notice To Gorakhpur Coaching Centre: लखनऊ में हुए हादसे के बाद अब गोरखपुर में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू हो गई है। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया, जिसके बाद 16 संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई की आहट मिलते ही कई संचालकों ने अपने संस्थानों पर ताला जड़ दिया, जबकि कुछ संचालक मौके से गायब मिले।
गोरखपुर महानगर में छोटे-बड़े सैकड़ों कोचिंग संस्थानों में विभिन्न विषयों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। लखनऊ की घटना के बाद अधिकांश कोचिंग संचालकों में चिंता का माहौल है। कई संस्थानों ने अस्थायी रूप से अपने सेंटर बंद कर दिए हैं, जबकि कुछ चोरी-छिपे सुबह और शाम के समय कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। हालांकि कई ऐसे संस्थान भी हैं जो निर्धारित मानकों का पालन करते हुए बिना किसी भय के नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं।
संस्थानों पर पड़े ताले
बता दें कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित जिले के पहले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, GDA TOWER में सुबह सात बजे से रात दस बजे तक यहां छात्रों की चहल-पहल बनी रहती थी। परिसर में कोचिंग पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों की लगातार आवाजाही रहती थी, लेकिन पिछले दो दिनों से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। कई संस्थानों ने अपने बोर्ड, बैनर और फ्लेक्स तक हटा दिए हैं। ऐसे में छात्रों के सामने पढ़ाई जारी रखने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
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उधर शहर के व्यस्त शाही मार्केट स्थित एजुकेशनल वर्ल्ड में भी फायर सर्विस और प्रशासनिक टीम जांच के लिए पहुंची। लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही संस्थान के संचालक वहां से अनुपस्थित मिले। यह संस्थान बेहद भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां किसी आपात स्थिति में अग्निशमन विभाग के वाहनों का पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
लगभग एक दर्जन टीमें जांच में जुटी
जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत जीडीए, विद्युत विभाग, अग्निशमन विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल करते हुए संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों का नेतृत्व मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। जिले भर में लगभग एक दर्जन टीमें एक साथ विभिन्न कोचिंग संस्थानों की जांच में जुटी हैं।
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गुरुकुल पाठशाला परिसर में जीडीए और फायर विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। यहां जो कमी थी यह कि फायर सेफ्टी उपकरणों के उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का नियमित प्रशिक्षण दिया जाना बाकी है।
स्टार ट्यूटोरियल पहुंची नवभारत की टीम
इसी क्रम में नवभारत की टीम स्टार ट्यूटोरियल भी पहुंची, जहां अग्निशमन विभाग के अधिकारी सुरक्षा इंतजामों से संतुष्ट नजर आए। संस्थान में प्रवेश और निकास के दोनों मार्ग व्यवस्थित पाए गए। संस्थान के निदेशक डॉ. राहुल राय ने कहा कि छात्र सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनका संस्थान सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फिलहाल प्रशासन की यह कार्रवाई केवल जांच तक सीमित नहीं है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर के कई और कोचिंग संस्थान प्रशासन की जांच के दायरे में आ सकते हैं।
