

Fire Department Action On Prayagraj Coaching Institutes: राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद प्रयागराज में अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अग्निशमन विभाग ने शहर भर के कोचिंग संस्थानों में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इसके लिए विभाग की ओर से आठ टीमों का गठन किया गया है, जो एक साथ अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर अग्नि सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था की जांच कर रही हैं।
अभियान की सूचना मिलते ही कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ संस्थानों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित कर दी, जबकि कई कोचिंग सेंटरों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त बताते हुए नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन जारी रखा।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) चंद्र मोहन शर्मा स्वयं एक टीम का नेतृत्व करते हुए सिविल लाइंस क्षेत्र के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में निरीक्षण के लिए पहुंचे। जांच के दौरान थॉर्नहिल रोड स्थित एक कोचिंग संस्थान में अग्नि सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई। इस पर सीएफओ ने संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान बालसन चौराहा क्षेत्र स्थित एक अन्य कोचिंग संस्थान में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। वहां स्थापित सेफ्टी बॉक्स में सुरक्षा उपकरणों के बजाय कूड़ा-करकट भरा मिला। अधिकारियों ने जब बॉक्स खोलकर देखा तो उसमें इस्तेमाल किए गए चाय के गिलास, नमकीन के खाली पैकेट और अन्य बेकार सामग्री रखी हुई थी। इस लापरवाही पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और संबंधित प्रबंधन को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीमों ने केवल निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि छात्रों को आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी के बारे में भी जागरूक किया। कई कोचिंग संस्थानों में चल रही कक्षाओं में पहुंचकर अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को अग्नि सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों से अग्नि सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील रखने और नियमित रूप से उनकी जांच कराने की अपील की है।