संभाजीनगर मनपा: 3 दिन में फाइल क्लियर, वरना जवाब देना होगा; आयुक्त अमोल येडगे, ई-ऑफिस से प्रशासन में आएगी तेजी
Strict Action On Fire Safety: छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त ने ई-ऑफिस में फाइलें 3 दिन से अधिक लंबित न रखने के निर्देश दिए। अग्नि सुरक्षा, जर्जर भवन और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई होगी।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
मनपा आयुक्त अमोल येडगे (सेर्स: फाइल फोटो)
Municipal Commissioner Strict Action On Fire Safety: महानगरपालिका प्रशासन ने कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी तरह प्रभावी बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए हैं। आयुक्त अमोल येडगे ने सभी विभागाध्यक्षों और क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन प्राप्त होने वाली किसी भी फाइल अथवा पत्र को तीन दिन से अधिक लंबित नहीं रखा जाए।
समय सीमा के भीतर आवश्यक टिप्पणी और अनुमोदन के साथ संबंधित प्रकरण वरिष्ठ अधिकारियों को भेजना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-ऑफिस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों के कार्यों में होने वाली देरी को समाप्त करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक जवाबदेह बनाना है।
कार्यालयों में स्वच्छता और अभिलेखों को व्यवस्थित करने पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त ने मुख्यालय सहित सभी कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय परिसरों में रखी अनुपयोगी वस्तुओं को हटाकर व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए। इसके साथ ही सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज महानगरपालिका के नाम पर तैयार करने की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी बाधा उत्पन्न न हो।
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अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र को लेकर सख्त रुख
आयुक्त अमोल येडगे ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के मॉल, अस्पताल, व्यायामशालाओं, विद्यालयों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए नोटिस जारी किए जाएं। निर्धारित समय के भीतर प्रमाणपत्र नहीं लेने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की आशंका को कम किया जा सके।
मानसून से पहले जर्जर भवनों की पहचान
बारिश के मौसम को देखते हुए आयुक्त ने शहर के खतरनाक और जर्जर भवनों का सर्वेक्षण कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिन भवनों की स्थिति असुरक्षित पाई जाएगी, उनके मालिकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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नालों के किनारे अतिक्रमण हटाने के निर्देश
बैठक में जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। आयुक्त ने नालों के किनारे किए गए अतिक्रमण तत्काल हटाने और नालों में छोड़े जा रहे गंदे पानी को सीवर लाइन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संपत्ति धारक नियमों का उल्लंघन करता है या प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और प्रशासनिक कार्यों में विलंब समाप्त हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
