आगरा के कोचिंग सेंटर बन रहे हैं ‘लाक्षागृह’? दमकल विभाग की जांच में खुली सुरक्षा इंतजामों की पोल
Agra Fire Department Action: लखनऊ कोचिंग हादसे के बाद आगरा में दमकल विभाग की जांच में कई कोचिंग संस्थानों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। कई जगह फायर एग्जिट नहीं मिले।
- Reported By: प्रदीप कुमार रावत
आगरा (सोर्स- फोटो नवभारत)
Agra Fire Department Action On Coaching Centres: राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे, जिसमें 15 बच्चों की जान चली गई, इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद शासन ने सभी जिलों में शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए हैं। आगरा में जब दमकल विभाग ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों का रियलिटी चेक किया तो जो तस्वीर सामने आई, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
अधिकांश संस्थानों में नही मिले फायर एग्जिट
जांच में पाया गया कि शहर के कई कोचिंग सेंटर अग्नि सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी कर रहे हैं। अधिकांश संस्थानों में आपातकालीन निकास (फायर एग्जिट) की व्यवस्था नहीं मिली। कई जगहों पर छात्रों के आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी मौजूद थी। यदि किसी कारणवश आग लग जाए या भगदड़ की स्थिति बने तो सैकड़ों छात्रों के फंसने का खतरा पैदा हो सकता है।
सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नदारद
दमकल अधिकारियों ने अग्निशमन यंत्रों की भी जांच की। कई संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। कहीं उनकी वैधता समाप्त हो चुकी है तो कहीं वे तकनीकी रूप से निष्क्रिय पाए गए। कई भवनों में आग से बचाव के लिए आवश्यक उपकरण और सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नदारद मिले।
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सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन कोचिंग संस्थानों में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं, वहां सुरक्षा नियमों की इतनी गंभीर अनदेखी आखिर कैसे हो रही है। क्या संबंधित विभागों की निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
‘लाक्षागृह’ की तरह संचालित हो रहे कोचिंग संस्थान
शहर में तेजी से बढ़ते कोचिंग संस्थानों के बीच सुरक्षा मानकों की स्थिति को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि कई संस्थान किसी संभावित ‘लाक्षागृह’ की तरह संचालित हो रहे हैं, जहां एक चिंगारी भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
लखनऊ की घटना ने चेतावनी दे दी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या आगरा प्रशासन, शिक्षा विभाग और विकास प्राधिकरण समय रहते सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर किसी और दर्दनाक हादसे का इंतजार किया जाएगा। फिलहाल दमकल विभाग की जांच ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब पूरे शहर की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
