सपा विधायक ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल तो भड़के एनडीए नेता, कहा- निष्पक्ष है UP पुलिस
Abu Azmi Statement: SP MLA अबू आजमी ने गाजियाबाद सूर्या हत्याकांड मामलें में एनकाउंटर को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए व कई गंभीर आरोप लगाए। तो वहीं भाजपा नेताओं ने उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
bjp vs Abu Azmi (सोर्स- सोशल मीडिया)
Abu Azmi Statement On Ghaziabad Encounter: जहां एक तरफ सूर्या हत्याकांड मामलें को लेकर गाजियाबाद में माहौल गमगीन नजर आ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक बयानबाजी, जनता के जले पर नमक छिड़कने जैसा काम कर रहा है। एक तरफ लोग सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी के एनकाउंटर को इंसाफ का नाम दे रहे हैं तो दूसरी तरफ एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कुछ भारतीय राजनीतिकारों ने इसे गलत और धार्मिक विचारों से प्रभावित करार दिया है।
धार्मिक विचारों से प्रभावित एनकाउंटर
दरअसल गाजियाबाद में बकरीद पर सूर्य प्रताप चौहान की हत्या मामले में मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर को लेकर कांग्रेस और सपा नेताओं पुलिस की कार्यशैली पर ही सवाल उठाए। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने योगी सरकार और यूपी पुलिस पर निशाना साधते हुए एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि कोई व्यक्ति क्रिमिनल है तो उसे सजा होनी चाहिए, अगर बड़ा अपराधी है तो उसे फांसी की सजा दे दो, लेकिन इसके लिए एक संविधान बना हुआ है-अपराधी को पकड़िए, उससे जुर्म कबूल कराइए फिर उसे कोर्ट ले जाइए और उसे जेल भेजिए। लेकिन यूपी में ऐसा नहीं है। यहां की पुलिस धर्म देखकर एनकाउंटर कर देती है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, ” मैं एनकाउंटर के बिल्कुल खिलाफ हूं। लॉ एंड ऑर्डर को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए, यह गैरकानूनी है।”
यूपी पुलिस का काम निष्पक्ष
मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने सपा विधायक अबू आजमी द्वारा गाजियाबाद पुलिस पर की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बिना किसी भेदभाव के काम करती है और अपराधियों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई से राज्य में सुरक्षित माहौल बनाने में मदद मिलती है, अपराधियों में भय भी उत्पन्न होता है।
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अबू आजमी के आरोपों का जवाब देते हुए, भाजपा के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने कहा कि मैं आजमी से पूछना चाहूंगा कि अगर कोई आपके सामने आकर गोली चलाना शुरू कर दे, तो क्या आप कार्रवाई करने से पहले यह पूछेंगे कि वह हिंदू है या मुस्लिम? क्या पुलिस उसके बाद ही गोली चलाएगी? पुलिस को हथियार क्यों दिए गए हैं? उन्हें अपनी सुरक्षा और समाज की रक्षा के लिए हथियार दिए गए हैं। अगर कोई अपराधी लगातार पुलिस पर गोली चला रहा है, तो पुलिस के पास एनकाउंटर ही विकल्प बचता है।”
अपराध को जाति और धर्म के चश्मे से ना देखा जाए
दिनेश शर्मा ने कहा कि राज्य में कानून लागू करने वाली एजेंसियां बिना किसी भेदभाव के काम करती हैं। उनकी कार्रवाइयों से जनता का भरोसा बढ़ता है। मेरा मानना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस निष्पक्ष होकर काम करती है और अपराधियों में उसका खौफ है।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी सपा नेता की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय उन्हें प्रभावी कानून व्यवस्था का समर्थन करना चाहिए।
BJP नेताओं ने क्या कहा?
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “तेजस्वी यादव और अबू आजमी जैसे नेता हमेशा अपराधियों के हमदर्द बने रहते हैं। अबू आजमी को ऐसे बयान देने से पहले, उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारें में विस्तार से जानना चाहिए। उन्होंने कहा, “अपराध को जाति और धर्म के चश्मे से देखने के बजाय, विपक्ष को उस प्रभावी कानून-व्यवस्था का समर्थन करना चाहिए, जिसे सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में स्थापित किया है।”
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जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “एनकाउंटर धर्म के आधार पर कैसे किए जा सकते हैं? विकास दुबे का ब्लड ग्रुप क्या था? क्या कोई अपराधी या गैंगस्टर किसी खास जाति या धर्म का होता है? उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से सिर्फ राजनीतिक विरोधियों को ही फायदा होता है। अपराधी तो अपराधी ही होता है। अब एनकाउंटर की राजनीति बंद होनी चाहिए।
