

Gayatri Prajapati Attack Update: लखनऊ जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर हुए जानलेवा हमले के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गायत्री प्रजापति के परिवार ने उनकी जान को खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है, वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
हमले की खबर मिलते ही गायत्री प्रजापति की विधायक पत्नी महराजी देवी और बेटियां रोते हुए ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उनकी बेटी अंकित प्रजापति ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें डर है कि हमारे पिता की कहीं हत्या न कर दी जाए।" उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ दिन पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज होकर स्वस्थ लौटे पिता पर अचानक हमला कैसे हो गया? वहीं, पत्नी महराजी देवी ने जेल के अंदर हथियार पहुंचने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्हें अपने पति से मिलने तक नहीं दिया जाता।
समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि भूतपूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जेल में हुए जानलेवा हमले की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने यूपी सरकार पर तंज कसते हुए आगे लिखा कि उत्तर प्रदेश में कहीं भी, कोई भी सुरक्षित नहीं है। अमेठी में भी प्रजापति के समर्थकों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे उनकी लोकप्रियता के खिलाफ एक साजिश बताया है।
घायल अवस्था में गायत्री प्रजापति ने बताया कि हमलावर का नाम विश्वास है और वह एक शातिर अपराधी है। उन्होंने कहा, "मैं सौभाग्यशाली हूं कि इस हमले में बच गया। सब कुछ बहुत अचानक हुआ। मेरा किसी के साथ कोई विवाद नहीं था।" जेल सूत्रों के अनुसार, एक सफाई कर्मचारी ने कहासुनी के बाद प्रजापति पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में पांच टांके लगे हैं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कभी अमेठी में पेंटर का काम करने वाले प्रजापति ने 2012 में सपा के टिकट पर विधायक बनकर मंत्री पद तक का सफर तय किया था, लेकिन 2017 में रेप के एक मामले में उन्हें 2021 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।