अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में हंगामा, लाठी-डंडों के साथ पहुंचे युवक, पुलिस को दी गई तहरीर

Shankaracharya Avimukteshwarananda News : हंगामे के बाद दी गई तहरीर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने लिए भी खतरा बताया है. सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई है।
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अविमुक्तेश्वरानंद
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Conflict Outside Shankaracharya Camp: संगम रेती पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर हंगामे की घटना सामने आई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कल्पवासी थाना अध्यक्ष को एक तहरीर दी है, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा को खतरे में बताते हुए शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं और शिविर की संपत्ति के लिए भी चिंता जताई है। तहरीर में कहा गया है कि शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच कुछ असामाजिक तत्व शिविर के पास पहुंचे थे। उनके हाथों में लाठी-डंडे और भगवा झंडा था।

कुछ युवक जबरन शिविर में प्रवेश करने की कोशिश करने लगे, और वे उपद्रव करने के लिए मारपीट करने पर भी उतारू हो गए। इस दौरान शंकराचार्य के सेवकों और घुसे हुए युवकों के बीच हाथापाई भी हुई। अंततः, सेवकों ने उन उपद्रवियों को शिविर से बाहर निकाल दिया।

पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की अपील

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चेतावनी दी है कि यदि ये शरारती तत्व फिर से शिविर में घुसे, तो श्रद्धालुओं और शिविर की संपत्ति को गंभीर खतरा हो सकता है। इसके बाद एफआईआर दर्ज करने और वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही शिविर परिसर और उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की भी अपील की गई है, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।

शंकराचार्य के साथ हुई इस बदसलूकी पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्होंने पूरी जानकारी ली है। शंकराचार्य ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में शिविर के भीतर या बाहर कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी। यह तहरीर शिविर के व्यवस्थापक पंकज पांडेय ने दी है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शिविर सेक्टर चार, त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी पर स्थित है। हाल ही में, मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान पालकी के साथ स्नान करने से रोकने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इसके बाद से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने शिविर के बाहर बैठे हुए हैं। आज इस घटना के बाद उनका सातवां दिन है। फिलहाल, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी से उतरकर वैनिटी वैन में चले गए हैं।

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