दिल्ली बॉर्डर पर भिड़ गए नगीना सांसद चंद्रशेखर (फोटो- सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Azad Clash on Ghazipur Border: दिल्ली से सटे गाजीपुर बॉर्डर पर आज जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पुलिस से भिड़ गए। भारी सुरक्षा और पुलिस के रोकने के बावजूद उन्होंने यूपी में घुसने की पूरी कोशिश की। माहौल तब गरमा गया जब पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें रोका, लेकिन चंद्रशेखर अपनी जिद पर अड़े रहे। वे मेरठ में हुई एक दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे।
मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए एहतियातन उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन चंद्रशेखर आजाद समर्थकों की भीड़ के साथ बैरिकेडिंग के बीच से निकलने का प्रयास करने लगे। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। गुस्से में तमतमाए चंद्रशेखर वीडियो में पुलिस से यह कहते सुनाई दिए कि मैं एक चुना हुआ सांसद हूं और तुम लोग मुझसे बदतमीजी कर रहे हो, मुझे धक्का मार रहे हो।
#WATCH गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद, आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के चीफ चंद्रशेखर आजाद भीड़ के बीच से होते हुए बॉर्डर पार करके यूपी में घुसने की कोशिश करने लगे। वह उस दलित महिला के परिवार से मिलने मेरठ जा रहे हैं, जिसकी कथित तौर पर अपनी बेटी को बचाते समय… pic.twitter.com/yHrPNU9EW1 — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 10, 2026
आखिर सांसद इतना गुस्से में क्यों थे, इसकी वजह मेरठ की एक दिल दहला देने वाली घटना है। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में बीते गुरुवार को एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की तरफ जा रही थी। आरोप है कि तभी गांव के ही रहने वाले पारस ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियार के बल पर बेटी को अगवा कर लिया। मां ने जब अपनी बेटी को बचाने के लिए विरोध किया, तो बदमाशों ने उस पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इलाज के दौरान मां ने दम तोड़ दिया, जबकि आरोपी बेटी को लेकर फरार हो गए।
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इस नृशंस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में आक्रोश है और ग्रामीणों में गुस्सा भरा हुआ है। चंद्रशेखर आजाद ने साफ कर दिया है कि वह पीड़ित परिवार से मिलने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए किसी भी कीमत पर जाएंगे। हालांकि, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। बॉर्डर पर काफी देर तक पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की होती रही, लेकिन पुलिस ने किसी तरह हालात को नियंत्रण में रखा। अब विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल उठा रहे हैं।