

लखनऊ: देश के सबसे बड़े सियासी सूबे की सियासत करवटें भी बड़ी-बड़ी बदलती हैं। यहां आए दिन यहां कुछ न कुछ ऐसा होता है जिससे सियासी गलियारों में बड़ी हलचल देखने को मिलती है। अब एक बार फिर आजाद समाज पार्टी मुखिया और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के एक मूव ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में मंगेश यादव के एनकाउंटर पर सियासत गरमा गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सीट से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेकर न्यायिक स्तर पर जांच की मांग की है।
चंद्रशेखर आजाद ने एनकाउंटर में मारे गए मंगेश यादव की मां के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उसे रात में पूछताछ के लिए घर से उठाया गया और तीसरे दिन गोली मारकर हत्या कर दी गई। नगीना सांसद ने इसे बेहद गंभीर घटना बताया और कहा कि यह जीवन की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की हत्या है।
नगीना सांसद ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- 'सुल्तानपुर में "थोक व्यापारी लूट" मामले में आरोपी जौनपुर निवासी मंगेश यादव (सितंबर की रात को पुलिस ने पूछताछ के बहाने उसे घर से उठाया और तीसरे दिन गोली मारकर हत्या कर दी) के एनकाउंटर पर आरोपी की मां द्वारा उठाए गए सवाल चिंता का विषय हैं।
एनकाउंटर प्रशासनिक हत्या का जरिया बन गया है। प्रशासनिक हत्या भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत "जीवन की स्वतंत्रता" के मौलिक अधिकार की भी हत्या है। मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध करता हूं कि इस मामले का संज्ञान लें और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराएं।
इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी मंगेश यादव के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि लूट के सभी आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं, फिर अब तक सोना बरामद क्यों नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने मंगेश यादव के बारे में कहा कि उसकी जाति देखकर उसकी जान ली गई। सपा इस मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ मुखर आवाज उठा रही है। वहीं चंद्रशेखर आजाद ने भी अखिलेश यादव की बात को आगे बढ़ाया है।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भी मंगेश यादव एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने जाति पर उठाए जा रहे सवालों को भी गलत बताया। वहीं योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अगर अपराधी गोली चलाएगा तो पुलिस उसे माला नहीं पहनाएगी।