अयोध्या-वाराणसी में धमाका करना चाहते थे आतंकी, स्लीपर मॉड्यूल था एक्टिव

Ayodhya-Varanasi: दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ कि आतंकी अयोध्या और वाराणसी में भी विस्फोट की योजना बना रहे थे।
Ayodhya-Varanasi
अयोध्या और वाराणसी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Ayodhya-Varanasi Targeted by Terrorists: दिल्ली ब्लास्ट के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जांच में सामने आया है कि आतंकियों का निशाना केवल दिल्ली नहीं था, बल्कि अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थल भी उनके टारगेट पर थे। गिरफ्तार हुई शाहीन नाम की महिला ने अयोध्या में स्लीपर मॉड्यूल को एक्टिव कर रखा था। पुलिस की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और कई आतंकियों को दबोच लिया गया।

अयोध्या-वाराणसी थे आतंकियों के निशाने पर

खबरों के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों ने पूछताछ में बताया कि उनका अगला लक्ष्य अयोध्या और वाराणसी था। शाहीन नाम की महिला आतंकी ने अयोध्या में स्लीपर मॉड्यूल एक्टिव कर दिया था, जिससे वहां विस्फोट की तैयारी चल रही थी। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता से पहले ही विस्फोटक बरामद कर लिया गया और पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद खुलासा हुआ

10 नवंबर की शाम को दिल्ली के लाल किले के पास एक कार में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस विस्फोट में कई वाहन जलकर खाक हो गए। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह ब्लास्ट हड़बड़ी में किया गया था, क्योंकि इसमें टाइमर या कोई एडवांस मैकेनिज्म इस्तेमाल नहीं किया गया। ऐसा माना जा रहा है कि आतंकियों की योजना कुछ और बड़ी थी, लेकिन किसी वजह से उन्होंने जल्दबाजी में विस्फोट कर दिया।

अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहें थीं हिट लिस्ट में

जांच में खुलासा हुआ है कि आतंकियों का मॉड्यूल अस्पतालों और धार्मिक स्थलों को टारगेट करने की तैयारी में था। उनकी हिट लिस्ट में ऐसे स्थान शामिल थे जहां अधिक से अधिक लोग मौजूद रहते हैं, ताकि ज्यादा जनहानि हो सके। अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो देश को एक और बड़े आतंकी हमले का सामना करना पड़ता।

तीन मुख्य संदिग्ध डॉक्टर गिरफ्तार

इस केस में तीन मुख्य संदिग्धों डॉक्टर मुजम्मिल, डॉक्टर अदील अहमद डार और डॉक्टर उमर के नाम सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि धमाके के समय डॉक्टर उमर मारा गया, जबकि बाकी दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य स्लीपर सेल का पता लगाया जा सके।

दिल्ली ब्लास्ट की जांच ने देशभर में फैले आतंकी नेटवर्क की पोल खोल दी है। अयोध्या और वाराणसी जैसे पवित्र शहरों पर खतरा मंडरा रहा था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई।

Navbharat Live
navbharatlive.com