भाषा और व्यवहार में बरतें संयम...राजकुमार भाटी से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने दी कार्यकर्ताओं को नसीहत

Rajkumar Bhati Controversial Statement: राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बयान से प्रदेशभर में मचे बवाल के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनसे मुलाकात की। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को नसीहत भी है।
Exercise Restraint in Language and Conduct... Akhilesh Yadav Advises Party Workers After Meeting with Rajkumar Bhati.
अखिलेश यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Akhilesh Yadav Warns Rajkumar Bhati: सपा प्रमुख अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर तैयारियों में जुटे हैं। वहीं प्रदेश में पार्टी नेताओं द्वारा दिए बयान के बाद बवाल शुरू हो गया था। इससे राज्य में पार्टी की छवि को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। हाल में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के जाट-गुर्जर महिलाओं और ब्राम्हणों पर की गई टिप्पणी से पार्टी का काफी विरोध हुआ।

इसका असर पश्चिम यूपी और सवर्ण वोटरों पर पड़ सकता है। मामले को संज्ञान लेते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राजकुमार भाटी से लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश ने भाषा पर संयम रखने की सलाह भी दी।

सामाजिक सद्भाव का दिया निर्देश

राजकुमार भाटी से मुलाकात के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सामाजिक सद्भाव का पालन करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पार्टी के नेता, समर्थक अपनी भाषा और व्यवहार में संतुलन और संयम बरतें। किसी को अपमानित करने वाली बात न करें। आगे उन्होंने कहा, सामाजिक न्याय के राज की स्थापना संविधान और लोकतंत्र को बचाकर ही किया जा सकता है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए हम सभी को एकजुट रहना होगा।

ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी अशोभनीय: मायावती

सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पूरे राज्य में उनका विरोध बढ़ गया। बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी एक्स हैंडल पर पोस्ट करके विरोध जताया।

उन्होंने पोस्ट में लिखा, समाजवादी पार्टी के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाजी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक ही है।

BSP में यूज एण्ड थ्रो नहीं: मायावती

पोस्ट में मायावती ने निशाना साधते हुए कहा, वैसे भी सपा प्रवक्ता के गैर-जिम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुंची है, उसको गंभीरता से लेते हुये सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से छमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये तो यह संभवतः उचित होगा।

यह सर्वविदित है कि BSP द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गई। अर्थात् बी.एस.पी. में यूज़ एण्ड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है।

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