

Mayawati on Brahmin Politics: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कुछ महीनों का वक्त बचा है। इससे पहले बसपा सुप्रीमो और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को ब्राह्मणों की चिंता सता रही है। मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यूपी में ब्राह्मण समाज यहां केवल उपेक्षित ही नहीं बल्कि काफी असुरक्षित भी है।
मायावती ने ने बताया कि राजधानी लखनऊ में ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखने वाले बीजेपी के एक युवा नेता पर जानलेवा हमला होने से हर तरफ एकबार फिर से कानून-व्यवस्था के साथ-साथ इस बात पर भी चर्चा शुरू हो गई है कि राज्य में ब्राह्मण समाज यहां केवल उपेक्षित ही नहीं बल्कि काफी असुरक्षित भी है, जो अति-चिन्तनीय।
उन्होंने कहा कि बी.एस.पी. की रही सभी सरकारों में समाज के हर वर्ग के जान, माल व मजहब के साथ-साथ बेहतरीन कानून-व्यवस्था के तहत ब्राह्मण समाज समेत समाज के सभी वर्गों को ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त के अन्तर्गत न्याय और सुरक्षा दी गई थी, जो कि सर्वविदित है।
साथ ही मायावती ने दूसरे पोस्ट में सहारनपुर में 9 मई दो बीघा जमीन विवाद में का भी जिक्र किया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव में ठाकुर-दलित के बीच दो बीघा जमीन को लेकर हुए जातीय संघर्ष के बाद हालात तनावपूर्ण हैं। मायावती ने कहा कि लालवाला गांव में अनुसूचित जाति और ठाकुर समाज के बीच जमीन के मालिकाना हक को लेकर शनिवार को पथराव हुआ और दोनों पक्षों के बीच चले संघर्ष में तीन महिलाओं समेत आठ लोग घायल हुए थे।
घटना के बाद दलित समाज ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई और लाठीचार्ज का आरोप लगाया। मामले को लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर अपने पदाधिकारियों के साथ गांव जाकर पीड़ित पक्ष से मिलने वाले थे। प्रशासन ने संभावित तनाव को देखते हुए उनको घर पर ही नजरबंद कर दिया।
बता दें कि लालवाला गांव में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस दोनों पक्षों पर नजर रख रही है और शांति व्यवस्था कायम रखने की कोशिश कर रही है। विवादित जमीन को लेकर दोनों पक्ष अपना -अपना दावा कर रहे हैं।