सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो- सोशल मीडिया)
Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा को लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद से चिढ़ है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी ‘पीडीए’ की एकजुटता को बदनाम करने और युवाओं में फूट डालने की साजिश कर रही है।
सपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में विभिन्न जिलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा की ‘विरोध प्रचार की नीति’ से सावधान रहना होगा और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से दूर रहकर संगठन को मजबूत करना होगा।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी डॉ राम मनोहर लोहिया और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। सपा प्रमुख ने कहा कि पीडीए का रास्ता ही विकल्प है। कार्यकर्ता एकजुटता और आपसी तालमेल के साथ काम करें। उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है और प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी विकास की राजनीति में विश्वास रखती है। किसान, गरीब और नौजवानों को आगे बढ़ाने तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के पास अपना कोई ठोस काम नहीं है और वह समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार के विकास कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश करती है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही में कहा था कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ कई केस दर्ज किए गए थे और समाजवादी पार्टी ने उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दंगा, आगजनी और नफ़रत फैलाना मुख्यमंत्री की पॉलिटिकल सिस्टम का हिस्सा रहा है। मुख्यमंत्री खुद उपद्रवी थे। उनके खिलाफ जो केस दर्ज हुए हैं वे 2017 के पहले के हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी ने उन्हें बचाया है। दंगा, आगजनी और नफरत फैलाना मुख्यमंत्री का काम रहा है।
मुख्यमंत्री को शायद पता नहीं है कि जब भाजपा बन रही थी तो वह खुद को सोशलिस्ट दिखाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने जेपी की तस्वीर लगाकर पूरी दुनिया को बताया कि वह हमारे सोशलिस्ट नेता हैं।”
यह भी पढ़ें: आजम का विकल्प या ओवैसी का इलाज? नसीमुद्दीन के आने से सपा में बदलेंगे समीकरण, UP की मुस्लिम सियासत में हलचल
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य का रथ रोका और उनका अपमान किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने मणिकर्णिका घाट और राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति से जुड़े मामलों में गलत कदम उठाए और सैकड़ों मंदिरों को नुकसान पहुंचाया।