मनी मैनेजमेंट के कुछ बेहतरीन टिप्स (सोर्स-सोशल मीडिया)
Effective Money Management For Financial Freedom: आज के समय में अपनी वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। पैसे की समस्या अक्सर कम कमाई से नहीं बल्कि समझदारी भरे मैनेजमेंट की कमी से पैदा होती है। फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए असरदार मनी मैनेजमेंट पर हम कुछ ऐसे प्रैक्टिकल टिप्स दे रहे हैं जो आपकी पूरी फाइनेंशियल लाइफ बदल सकते हैं।
सबसे पहले हर महीने अपनी कुल कमाई और होने वाले छोटे-छोटे खर्चों का सही हिसाब रखें। चाय या ऑनलाइन शॉपिंग जैसे खर्चों को नोट करने के लिए मनी मैनेजर जैसे ऐप्स का उपयोग करें। थंब रूल 50/30/20 अपनाएं जिसमें 50% जरूरी खर्चों और 20% बचत पर खर्च होना चाहिए।
शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म गोल्स सेट करें जैसे अगले साल बाइक या रिटायरमेंट के लिए फंड। हर लक्ष्य के लिए एक निश्चित राशि और समय सीमा तय करना निवेश में आपका फोकस बनाए रखता है। उदाहरण के लिए विदेश यात्रा के लिए हर महीने 10,000 रुपये अलग रखना फिजूलखर्ची रोकता है।
महीने की शुरुआत में बजट बनाएं और उसमें राशन, बिल और निवेश के लिए अलग हिस्से रखें। अचानक आने वाली मुश्किलों के लिए कम से कम 6-12 महीने के खर्च जितना इमरजेंसी फंड रखें। यह फंड मेडिकल इमरजेंसी या नौकरी जाने जैसी स्थितियों में आपको कर्ज लेने से बचाएगा।
क्रेडिट कार्ड जैसे ऊंचे ब्याज वाले कर्ज पहले चुकाएं और EMI आय के 30-40% से अधिक न रखें। जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे उतना ही कंपाउंडिंग का फायदा SIP या म्यूचुअल फंड में मिलेगा। अपनी आय का कम से कम 10-20% हिस्सा भविष्य के लिए निवेश करना करियर की शुरुआत में जरूरी है।
लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें क्योंकि ये किसी भी अनिश्चितता में सुरक्षा कवच का काम करते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग में ‘वन-क्लिक’ खरीदारी से बचें और कुछ खरीदने से पहले 24-48 घंटे इंतजार करें। जरूरत और चाहत के बीच अंतर करना सीखें और केवल वही चीजें खरीदें जो बार-बार इस्तेमाल हों।
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लगातार बुक्स या वीडियो के जरिए निवेश और पर्सनल फाइनेंस के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाते रहें। हर 6 महीने में अपने फाइनेंशियल प्लान की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर इसे अपडेट करें। शादी या जॉब चेंज जैसे बड़े इवेंट होने पर अपने लक्ष्यों को दोबारा एडजस्ट करना बहुत जरूरी है।
Ans: इसमें 50% आय जरूरी खर्चों (राशन, किराया), 30% लग्जरी/शौक और 20% बचत या निवेश के लिए रखी जाती है।
Ans: वित्तीय सुरक्षा के लिए कम से कम 6-12 महीने के खर्च के बराबर कैश रिजर्व या इमरजेंसी फंड रखना चाहिए।
Ans: विशेषज्ञों के अनुसार आपकी सभी किश्तें या EMI आपकी कुल मासिक आय के 30-40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
Ans: निवेश जितनी जल्दी शुरू करेंगे उतना अधिक लाभ होगा क्योंकि इससे आपको कंपाउंडिंग की ताकत का फायदा मिलता है।
Ans: इसका मतलब है कि कोई वस्तु खरीदने से पहले यह सोचें कि वह कितनी बार उपयोग होगी, अगर बार-बार नहीं तो उसे न खरीदें।