वंदे भारत में कंफर्म सीट का नया जुगाड़! लागू हुआ ‘EQ’ कोटा, इमरजेंसी में यात्रा करने वालों को मिली राहत
Vande Bharat: रेलवे के अनुसार, यह इमरजेंसी कोटा एडवांस रिजर्वेशन पीरियड या नो बुकिंग डेट, जो पहले हो, उससे लागू किया जाएगा। यानी सिस्टम में टिकट खुलते ही इस कोटे के तहत सीटें रिजर्व रखी जाएंगी।
- Written By: मनोज आर्या
Vande Bharat Train Emergency Quota: रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। भारतीय रेलवे ने अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा लागू करने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है, जिससे अचानक यात्रा करनी पड़े तो यात्रियों को सीट या बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
अब तक इन ट्रेनों में महिला कोटा, दिव्यांग कोटा, सीनियर सिटीजन कोटा और ड्यूटी पास कोटा ही लागू था। लेकिन अब खास परिस्थितियों में यात्रियों के लिए अलग से इमरजेंसी कोटा रखा जाएगा, जिसे जरूरत के हिसाब से एडजस्ट भी किया जा सकेगा। इमरजेंसी कोटा के तहत सीटें कुछ खास लोगों या उनके द्वारा सिफारिश प्राप्त यात्रियों को ही मिलती हैं।
इस फैसले के पीछे क्या है रेलवे का मकसद?
रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक, जिन अमृत भारत ट्रेनों में 7 या उससे ज्यादा स्लीपर कोच हैं, वहां कुल 24 बर्थ का इमरजेंसी कोटा तय किया गया है। इसका मकसद यह है कि अचानक यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी हो सके।
सम्बंधित ख़बरें
विदेश यात्रा में साथ ले जाना चाहते हैं पालतू जानवर? जानिए जरूरी दस्तावेज और एयरलाइन के नियम
Gold-Silver Rate Today: सोने में एक हफ्ते में 6,540 रुपये का बड़ा उछाल, चांदी भी 5,000 रुपये महंगी हुई
Parcel Scam Alert: अधूरे पते वाले मैसेज से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, ऐसे पहचानें और बचें
8वें वेतन आयोग में DA मर्ज करने की मांग तेज, कर्मचारियों की सैलरी 55 हजार रुपये तक बढ़ाने की तैयारी?
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में क्लास के हिसाब से कोटा
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में अलग अलग क्लास के लिए इमरजेंसी कोटा तय किया गया है। फर्स्ट एसी में वीकडे पर 4 बर्थ और वीकेंड पर 6 बर्थ का कोटा होगा। सेकंड एसी में वीकडे पर 20 बर्थ और वीकेंड पर 30 बर्थ तय किए गए हैं। वहीं थर्ड एसी में वीकडे पर 24 बर्थ और वीकेंड पर 42 बर्थ का इमरजेंसी कोटा रखा जाएगा।
कब से लागू होगा नया नियम?
रेलवे के अनुसार, यह इमरजेंसी कोटा एडवांस रिजर्वेशन पीरियड या नो बुकिंग डेट, जो पहले हो, उससे लागू किया जाएगा। यानी सिस्टम में टिकट खुलते ही इस कोटे के तहत सीटें रिजर्व रखी जाएंगी।
यह भी पढ़ें: शेयर मार्केट का ABC: क्या होते हैं प्रेफरेंस शेयर्स और इक्विटी, निवेश के लिए सबसे बेहतर कौन?
कितना अहम रेलवे का यह फैसला?
इस फैसले से अचानक यात्रा करनी पड़े तो यात्रियों को टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। खास जरूरत वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और डिमांड के हिसाब से रेलवे कोटा में बदलाव भी कर सकेगा। रेलवे बोर्ड ने कहा है कि जोनल रेलवे सीटों की उपलब्धता और जरूरत के हिसाब से इमरजेंसी कोटा को एडजस्ट कर सकते हैं।
