घर किराए पर देने से पहले अपनाएं ये जरूरी सावधानियां (सोर्स-सोशल मीडिया)
Renting House Safety Tips: अपने खाली घर को किराए पर देकर अतिरिक्त आमदनी करना एक शानदार आर्थिक फैसला माना जाता है। लेकिन बिना सही योजना और सावधानी के घर रेंट पर देना आपको भारी मुसीबत में डाल सकता है। घर किराए पर देने के लिए सुरक्षा निर्देश का पालन करके आप न केवल अपने घर को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि कानूनी विवादों से भी बच सकते हैं। पहली बार मकान मालिक बनने वालों के लिए इन नियमों को समझना और अपनाना भविष्य में मानसिक शांति सुनिश्चित करता है।
किरायेदार को घर सौंपने से पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करवाना और बिजली-पानी की फिटिंग चेक करना बहुत जरूरी है। घर में पेंट और जरूरी मरम्मत करवाकर आप उसकी रेंटल वैल्यू बढ़ा सकते हैं और बेहतर किरायेदार आकर्षित कर सकते हैं। सुरक्षा के लिए स्मोक डिटेक्टर लगाना और घर की वर्तमान स्थिति की फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग रखना भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी समझदारी है।
किरायेदार आपके लिए एक बिल्कुल अनजान व्यक्ति होता है, इसलिए उसकी पहचान और नौकरी की सही जानकारी जुटाना सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य है। पुलिस वेरिफिकेशन करवाना कानूनी रूप से बहुत जरूरी है और इससे आपको किरायेदार के पिछले रिकॉर्ड और व्यवहार का सही पता चलता है। पुराने मकान मालिक से बात करके आप उसके पेमेंट हिस्ट्री और सामान्य आचरण के बारे में पूरी तरह से आश्वस्त हो सकते हैं।
बिना लिखित रेंट एग्रीमेंट के घर देना एक बड़ी गलती साबित हो सकती है, इसलिए हमेशा एक स्पष्ट कानूनी दस्तावेज तैयार करवाएं। एग्रीमेंट में किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, रहने की अवधि और मेंटेनेंस से जुड़ी सभी शर्तें बहुत ही साफ तौर पर लिखी होनी चाहिए। एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन कराना भविष्य में होने वाले किसी भी तरह के आर्थिक या संपत्ति विवाद से बचाव का एक ठोस तरीका है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट और मासिक किराए का लेन-देन हमेशा पारदर्शी रखें और हर भुगतान के लिए रसीद देना एक बहुत अच्छी आदत है। बिजली, पानी और अन्य बिलों का भुगतान कौन और कैसे करेगा, इस बारे में किरायेदार से पहले ही स्पष्ट बात कर लें। मेंटेनेंस और छोटी-मोटी टूट-फूट की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह पहले ही तय होने से भविष्य में पैसों को लेकर झगड़े नहीं होते।
मकान मालिक के तौर पर आपको अपनी प्रशासनिक और कानूनी जिम्मेदारियों के बारे में पूरी जानकारी होना बहुत ही आवश्यक है। किराए से होने वाली आमदनी को इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाना एक कानूनी अनिवार्यता है जिससे आप भविष्य में सरकारी जुर्माने से बचते हैं। स्थानीय पुलिस को किरायेदार की सूचना देना सुरक्षा और कानून के पालन की दृष्टि से एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
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इन पांच महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के बाद ही अपना घर किसी किरायेदार के हवाले करना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है। अच्छी प्लानिंग से आप न केवल अपनी संपत्ति की सुरक्षा करते हैं बल्कि एक भरोसेमंद किरायेदार के साथ लंबे समय तक चल सकते हैं। लापरवाही बरतने पर आपको न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है बल्कि आपकी कीमती संपत्ति पर भी खतरा मंडरा सकता है।
Ans: पुलिस वेरिफिकेशन से किरायेदार के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मिलती है और यह सुरक्षा के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य है।
Ans: एग्रीमेंट में मासिक किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, रहने की समय अवधि और मरम्मत की जिम्मेदारियां साफ लिखी होनी चाहिए।
Ans: हां, घर के किराए से होने वाली आमदनी को अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में दिखाना और उस पर टैक्स देना जरूरी है।
Ans: इससे घर की मौजूदा स्थिति का प्रमाण रहता है और अगर किरायेदार भविष्य में कुछ नुकसान करता है, तो आप उसकी भरपाई मांग सकते हैं।
Ans: सिक्योरिटी डिपॉजिट स्थानीय नियमों के अनुसार लेना चाहिए और किरायेदार को इसकी रसीद जरूर देनी चाहिए।