SIP म्यूचुअल फंड (सोर्स-सोशल मीडिया)
Wealth Creation Through Long-Term SIP: शेयर बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय निवेशक म्यूचुअल फंड में जमकर पैसा लगा रहे हैं। निवेश का सबसे लोकप्रिय तरीका सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP बनकर उभर रहा है। लॉन्ग-टर्म SIP के जरिए वेल्थ क्रिएशन के माध्यम से साधारण बचत को भी एक बड़े फंड में बदला जा सकता है। आज हम विस्तार से समझेंगे कि कैसे एक छोटा सा मासिक निवेश आपके भविष्य को सुरक्षित कर सकता है।
वर्तमान समय में घरेलू शेयर बाजार में काफी ज्यादा उठा-पटक देखने को मिल रही है। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के बावजूद निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड्स पर बना हुआ है। बाजार के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर आपके निवेश के प्रदर्शन पर जरूर पड़ता है।
अगर आप हर महीने 5,000 की SIP 20 साल तक निरंतर जारी रखते हैं। और आपको सालाना 12 प्रतिशत का अनुमानित रिटर्न मिलता है तो बड़ा फंड बनेगा। इस अवधि में आपके पास लगभग 46 लाख रुपये का कुल फंड तैयार हो जाएगा।
इस 46 लाख रुपये के फंड में आपका कुल निवेश केवल 12 लाख रुपये होगा। जबकि बाकी के लगभग 34 लाख रुपये आपके निवेश पर मिला हुआ रिटर्न होगा। यह लंबी अवधि में निवेश करने के कारण मिलने वाले कंपाउंडिंग का सीधा फायदा है।
अगर बाजार का प्रदर्शन और भी बेहतर रहता है और आपको 15 प्रतिशत रिटर्न मिलता है। तो 5,000 की यही मासिक SIP आपको 20 साल में मालामाल कर सकती है। इस स्थिति में आपके पास लगभग 66.35 लाख रुपये का बड़ा फंड होगा।
66.35 लाख रुपये के इस फंड में आपकी जमा पूंजी सिर्फ 12 लाख रुपये रहेगी। जबकि रिटर्न के रूप में आपको लगभग 54.35 लाख रुपये का भारी मुनाफा मिल सकता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ लंबे समय तक निवेश की सलाह देते हैं।
SIP से मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह से शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। बाजार में तेजी रहने पर आपको बहुत अच्छा और उम्मीद से ज्यादा रिटर्न मिलता है। वहीं बाजार गिरने पर कभी-कभी मामूली नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है।
लंबे समय तक निवेश जारी रखने से बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम काफी कम होता है। म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता का आकलन जरूर करें। हमेशा लक्ष्य के अनुसार ही निवेश की योजना बनाना एक समझदारी भरा कदम है।
यह भी पढ़ें: दो-दो एयरक्राफ्ट कैरियर लेकर ईरान के दरवाजे पर खड़ा US…फिर जनरल डैन को सता रहा किस बात का डर?
SIP से मिलने वाले रिटर्न पर निवेशकों को कैपिटल गेन्स टैक्स भी देना पड़ता है। निवेश से पहले यह जानना जरूरी है कि टैक्स के बाद शुद्ध लाभ कितना होगा। किसी भी बड़े वित्तीय जोखिम से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना अनिवार्य है।
अनुशासित तरीके से की गई बचत भविष्य की बड़ी आर्थिक जरूरतों को आसानी से पूरा करती है। 5,000 का निवेश सुनने में छोटा लग सकता है पर परिणाम बहुत प्रभावी होते हैं। आज का छोटा निवेश कल की बड़ी आर्थिक आजादी का मजबूत आधार बनता है।