- Hindi News »
- Utility News »
- Pm Rahat Scheme Cashless Medical Treatment Road Accident Victims India
PM RAHAT Scheme: सड़क हादसे में घायलों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज
Cashless Accident Treatment: केंद्र सरकार की PM राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये का मुफ्त कैशलेस इलाज मिलेगा, जिससे गोल्डन ऑवर में जान बचाना और आर्थिक बोझ कम करना संभव होगा।
- Written By: प्रिया सिंह

केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना (सोर्स- सोशल मीडिया)
Free Medical Aid Road Accidents: सड़क पर चलते हुए कब कोई हादसा हो जाए इसका पता नहीं होता, लेकिन ऐसे समय में पैसों की चिंता इलाज में बाधा नहीं बननी चाहिए। केंद्र सरकार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए ‘पीएम राहत योजना’ शुरू की है ताकि हर घायल को समय पर चिकित्सा मिल सके। सड़क दुर्घटनाओं में मुफ़्त मेडिकल सहायता के तहत अब अस्पताल में भर्ती होने के लिए गरीब परिवारों को कर्ज लेने या इलाज टालने की जरूरत नहीं होगी। यह योजना न केवल घायलों की जान बचाएगी बल्कि उनके परिवारों को भारी-भरकम अस्पताल बिलों के मानसिक और आर्थिक बोझ से भी मुक्त करेगी।
योजना का मुख्य लाभ और उद्देश्य
पीएम राहत योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र घायलों को दुर्घटना के शुरुआती 7 दिनों के भीतर 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह पूरी तरह से कैशलेस सुविधा है, जिसका अर्थ है कि मरीज के परिवार को अस्पताल के काउंटर पर एक रुपया भी जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती। गंभीर मामलों में मरीज को 48 घंटे और सामान्य मामलों में 24 घंटे तक तत्काल ‘स्टेबिलाइजेशन’ इलाज बिना किसी देरी के प्रदान किया जाता है।
पात्रता और अस्पताल में भर्ती होने का नियम
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसी विशेष जाति या आय वर्ग की बाध्यता नहीं है, बस दुर्घटना भारत की किसी भी सड़क पर होनी चाहिए। घायल व्यक्ति को सरकार द्वारा सूचीबद्ध यानी एम्पैनल्ड अस्पताल में भर्ती कराना अनिवार्य है ताकि सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर सके। अस्पताल में पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा जा सकता है, लेकिन अगर दस्तावेज पास न हों तो भी इलाज शुरू करने से मना नहीं किया जा सकता।
सम्बंधित ख़बरें
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड पर लगेगी लगाम, CBI लॉन्च करेगा ‘अभय’ AI चैटबॉट
क्या रील की कीमत जान से ज्यादा है? मऊगंज में स्टंटबाजी के दौरान 3 सगे भाइयों की दर्दनाक मौत- देखें VIDEO
यूपी की कन्या सुमंगला योजना: 27 लाख बेटियों को मिला लाभ, जन्म से ग्रेजुएशन तक मदद
8वें वेतन आयोग पर बड़ी अपडेट: DA बढ़कर 60%, फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग तेज
पुलिस सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया
हादसे के तुरंत बाद पुलिस डिजिटल सिस्टम के माध्यम से घटना की पुष्टि करती है ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईमानदारी बनी रहे। गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे और जानलेवा स्थिति वाले गंभीर मामलों में 48 घंटे के भीतर पुलिस द्वारा सत्यापन करना आवश्यक होता है। अस्पतालों को उनके द्वारा किए गए इलाज का भुगतान सीधे मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के माध्यम से सरकार द्वारा डिजिटल रूप से कर दिया जाता है।
यह भी पढ़ें: SIP का जादू: 5,000 के मासिक निवेश से 20 साल में तैयार करें लाखों का फंड
गोल्डन ऑवर और जीवन रक्षा का संकल्प
चिकित्सा विज्ञान में हादसे के बाद के पहले एक घंटे को ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है, जिसमें मिला सही इलाज जान बचने की उम्मीद बढ़ा देता है। यह योजना इसी अनमोल समय का सदुपयोग करने और सड़क सुरक्षा के साथ-साथ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लाई गई है। अब किसी भी घायल को सिर्फ इसलिए अपनी जान नहीं गंवानी पड़ेगी क्योंकि उसके पास इलाज के लिए तुरंत पैसे उपलब्ध नहीं थे।
Frequently Asked Questions
-
Que: पीएम राहत योजना के तहत अधिकतम कितनी राशि का इलाज मुफ्त है?
Ans: इस योजना के तहत पात्र पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस और मुफ्त इलाज मिलता है।
-
Que: क्या दुर्घटना के बाद अस्पताल में दस्तावेज देना अनिवार्य है?
Ans: पहचान के लिए आधार मांगा जा सकता है, लेकिन दस्तावेज न होने पर भी अस्पताल इलाज करने से मना नहीं कर सकता।
-
Que: 'गोल्डन ऑवर' क्या है और इस योजना में इसका क्या महत्व है?
Ans: हादसे के बाद का पहला घंटा 'गोल्डन ऑवर' है, समय पर मुफ्त इलाज मिलने से जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
-
Que: क्या यह सुविधा केवल हाईवे पर हुए हादसों के लिए है?
Ans: नहीं, यह सुविधा भारत की किसी भी सड़क पर हुई दुर्घटना के पात्र पीड़ितों के लिए लागू होती है।
-
Que: अस्पतालों को इलाज के पैसे कौन देता है?
Ans: अस्पतालों को भुगतान सीधे 'मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड' (MVAF) से डिजिटल माध्यम के जरिए किया जाता है।
Pm rahat scheme cashless medical treatment road accident victims india
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 20 April: मेष राशि वाले रहें सावधान, मिथुन की बढ़ेगी चिंता; जानें सोमवार को किसकी खुलेगी किस्मत
Apr 20, 2026 | 12:05 AM‘महिलाओं के हक छीनने वाला काला दस्तावेज…’, महिला आरक्षण पर अखिलेश यादव बड़ा आरोप; कही यह बात
Apr 19, 2026 | 11:54 PMPBKS vs LSG: प्रियांश-कोनोली की आंधी में उड़ी लखनऊ, मुल्लांपुर में पंजाब किंग्स 54 रन से दर्ज की बड़ी जीत
Apr 19, 2026 | 11:23 PMमहिला विरोधी राजनीति और वामपंथियों के पाखंड के खिलाफ ABVP का हल्लाबोल, इंडी गठबंधन का फूंका पुतला
Apr 19, 2026 | 11:20 PMPanpatia Col Trek: बद्रीनाथ और केदारनाथ को जोड़ने वाला रास्ता, जिसका नाम सुनते ही कांप जाते हैं ट्रेकर्स
Apr 19, 2026 | 11:14 PMUS: घरेलू झगड़े में चलीं गोलियां, 8 बच्चों की दर्दनाक मौत; पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ हमलावर
Apr 19, 2026 | 10:48 PMIIT में फेल, फिर ₹1.7 करोड़ पैकेज तक का सफर- अमित दत्ता की कहानी वायरल
Apr 19, 2026 | 10:42 PMवीडियो गैलरी

क्या रील की कीमत जान से ज्यादा है? मऊगंज में स्टंटबाजी के दौरान 3 सगे भाइयों की दर्दनाक मौत- देखें VIDEO
Apr 19, 2026 | 10:01 PM
PM मोदी का बंगाल प्लान: ‘0’ बिजली बिल का किया वादा, TMC को बताया विकास का रोड़ा! देखें VIDEO
Apr 19, 2026 | 09:33 PM
क्यों लाखों फॉलोअर्स और शोहरत छोड़ संन्यासी बनीं हर्षा ऋचरिया? जानें इस बड़े फैसले की वजह! देखें VIDEO
Apr 19, 2026 | 09:13 PM
ओबीसी से लेकर परिसीमन तक…PM Modi ने विपक्ष के हर वार का दिया करारा जवाब, कहा- हम झुकेंगे नहीं
Apr 19, 2026 | 01:54 PM
ASP अनुज चौधरी का ‘स्वैग’ या नियमों का मखौल? रील बनाने वाले ‘हीरो’ अफसर की गाड़ी में मिलीं 3 बड़ी कमियां
Apr 18, 2026 | 10:42 PM
UP News: 10 हजार रुपये जमा फिर भी 4 हजार बकाया? बिजली बिल के खेल में फंसा आम आदमी
Apr 18, 2026 | 10:32 PM













