1 जुलाई से लागू होगा ‘No Dual Connection Rule’, LPG या PNG में से चुनना होगा एक, जानें नए नियम
Dual Connection Rule: सरकार 1 जुलाई से नया नियम लागू कर रही है। अब उपभोक्ताओं को LPG या PNG में से किसी एक को चुनना होगा। 30 जून तक एक कनेक्शन सरेंडर न करने पर सेवा रद्द होगी।
- Written By: प्रिया सिंह
LPG और PNG गैस नियम (सोर्स-सोशल मीडिया)
LPG PNG Dual Connection Rule: देश में गैस सप्लाई को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे करोड़ों उपभोक्ता सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। केंद्र सरकार आगामी 1 जुलाई से पूरे देश में एक नया गैस नियम पूरी सख्ती के साथ लागू करने जा रही है। इस नए नियम के तहत अब एक घर में केवल एक ही गैस सेवा का उपयोग करने की सख्त इजाजत दी जाएगी। उपभोक्ताओं को अब सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर या पीएनजी पाइपलाइन कनेक्शन में से किसी एक को ही अपने लिए चुनना होगा।
यह अहम फैसला देश में चल रहे मौजूदा ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय गैस किल्लत को देखते हुए लिया गया है। जिन लोगों के पास दोनों गैस सेवाएं मौजूद हैं, उन्हें 30 जून तक एक सेवा को हर हाल में सरेंडर करना होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार गैस सब्सिडी का अनुचित और दोहरा लाभ न उठा सके। इसके लिए सरकारी तेल कंपनियों ने देश के सभी बड़े शहरों में अपनी निगरानी और चेकिंग को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।
30 जून है गैस कनेक्शन सरेंडर करने की आखिरी तारीख
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को 30 जून तक अपना एक गैस कनेक्शन हर हाल में सरेंडर करना होगा। अगर कोई ऐसा नहीं करता है, तो 1 जुलाई से उसका एक कनेक्शन सिस्टम द्वारा ऑटोमेटिक तरीके से सस्पेंड कर दिया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नियम का लगातार उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को इस नए सरकारी नियम का बहुत ही सख्ती से पालन करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जहां भी पीएनजी गैस नेटवर्क पूरी तरह एक्टिव है, वहां एलपीजी रिफिल या नई बुकिंग की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। कंपनियां डाटा एनालिसिस और फील्ड सर्वे के माध्यम से दोहरे कनेक्शन वाले घरों की लगातार और बारीकी से पहचान कर रही हैं।
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हजारों ने किया सरेंडर
नियम लागू होने से पहले ही राजधानी दिल्ली समेत देश के कई बड़े महानगरों में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक लगभग 43,000 से अधिक जागरूक उपभोक्ता अपना एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर कर चुके हैं। इस सख्त कदम से पूरे देश की गैस वितरण प्रणाली में पूरी तरह से पारदर्शिता आने की बहुत बड़ी उम्मीद जताई जा रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस सप्लाई में काफी ज्यादा दिक्कतें सामने आ रही हैं। भारत अपने कच्चे तेल और गैस के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है, जिससे देश में एलपीजी की किल्लत हो गई है। इसी गंभीर संकट से निपटने के लिए पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और यह नया गैस नियम लाया गया है।
