OBC, EBC और DNT छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने जारी किए ₹2,042 करोड़; छात्रों को बेहतर छात्रवृत्ति
EBC Student Scheme : केंद्र सरकार ने OBC, EBC और DNT छात्रों के लिए शिक्षा योजनाओं के तहत ₹2,042 करोड़ जारी किए हैं। इस राशि से छात्रों को छात्रवृत्ति, शैक्षणिक सहायता और उच्च शिक्षा में मदद मिलेगी।
- Written By: हितेश तिवारी
केंद्र सरकार शिक्षा योजना (फोटो - गूगल इमेज)
OBC Scholarship 2026 : देश के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) और विमुक्त जनजातियाँ, (DNT) समुदाय के छात्रों के लिए शिक्षा योजनाओं के तहत ₹2,042 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है।
यह फंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिया गया है। सरकार का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं, छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है ताकि वे बिना किसी परेशानी के पढ़ाई जारी रख सकें।
शिक्षा योजनाओं के तहत ₹2,042 करोड़ से अधिक की राशि जारी
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार OBC कल्याण योजनाओं पर खर्च में पिछले साल की तुलना में 36.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Pre-Matric Scholarship योजना में 59.13 प्रतिशत और Post-Matric Scholarship योजना में 27.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सम्बंधित ख़बरें
Indian Railways Coupe Booking: ट्रेन में कपल्स के लिए प्राइवेट केबिन कैसे बुक करें?
Ayushman Bharat Diwas 2026: कैसे PM-JAY ने करोड़ों लोगों को दी सस्ती और आसान इलाज की सुविधा
नया महीना, नए नियम: 1 मई से बदल जाएंगे क्रेडिट कार्ड और फ्यूल के दाम, अभी देख लें पूरी लिस्ट
Rashtriya Bal Puraskar: सरकार दे रही है बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, जल्द करें आवेदन
इसके अलावा टॉप क्लास शिक्षा योजनाओं में स्कूल स्तर पर 154 प्रतिशत और उच्च शिक्षा स्तर पर 105.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय मंत्री विरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार शिक्षा के जरिए कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
ये खबर भी पढ़ें : Bank Holidays May 2026: मई में छुट्टियों की भरमार! 13 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें पूरी लिस्ट
जरूरतमंद छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता
सरकार का मानना है कि इस फंडिंग से लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे स्कूल और कॉलेजों में दाखिले बढ़ेंगे, पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम होगी और उच्च शिक्षा में भागीदारी मजबूत होगी। य
ह कदम देश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में इससे जरूरतमंद छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता और बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
