डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड पर लगेगी लगाम, CBI लॉन्च करेगा ‘अभय’ AI चैटबॉट
CBI Abhay Chatbot : डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए CBI ‘अभय’ नाम का AI चैटबॉट लॉन्च करने जा रहा है, जो लोगों को फर्जी नोटिस की पहचान करने में मदद करेगा।
- Written By: हितेश तिवारी
CBI ‘अभय’ AI चैटबॉट लॉन्च कर डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से लोगों को बचाने की तैयारी में है। (फोटो - गूगल इमेज)
AI Chatbot Fraud Prevention : भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटलाइजेशन के साथ साइबर फ्रॉड के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। खासतौर पर “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरह के धोखाधड़ी के मामलों ने लोगों के बीच डर का माहौल बना दिया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने एक नई पहल की शुरुआत की है। एजेंसी जल्द ही ‘अभय’ नाम का एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट लॉन्च करने जा रही है, जो लोगों को फर्जी नोटिस और धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगा।
साइबर फ्रॉड से बचाएगा ‘अभय’ चैटबॉट
यह ‘अभय’ चैटबॉट खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होगा जिन्हें संदिग्ध कॉल, मैसेज या नोटिस मिलते हैं। इसकी मदद से यूजर्स यह जांच सकेंगे कि उनके पास आया नोटिस वास्तव में CBI द्वारा जारी किया गया है या नहीं।
सम्बंधित ख़बरें
Railway Transfer: रेलकर्मियों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी, अब घर के पास मिलेगी मनचाही ट्रांसफर पोस्टिंग
DA Hike 2026: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में जुलाई से होगी 3% बढ़ोतरी, जानें पूरी डिटेल
रेलवे की Railway Bedsheet में AI कैमरा खोजेगा दाग-धब्बे, पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च
EPFO ने भेजा ब्याज, जानें पीएफ खाते में EPF Interest कैसे करें आसानी से ऑनलाइन चेक
इस चैटबॉट को सीजेआई सूर्यकांत द्वारा 22वें डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर के दौरान लॉन्च किया जाएगा। इस आयोजन में साइबर क्राइम की बढ़ती चुनौतियों और उससे निपटने में पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी।
ये खबर भी पढ़ें : यूपी की कन्या सुमंगला योजना: 27 लाख बेटियों को मिला लाभ, जन्म से ग्रेजुएशन तक मदद
“डिजिटल अरेस्ट” जैसे ठगी से मिलेगी राहत
दरअसल, हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें ठग खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते हैं और उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर पैसे ठग लेते हैं। ऐसे मामलों में लोग लाखों रुपये तक गंवा चुके हैं।
‘अभय’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट इस तरह के फ्रॉड को रोकने में एक अहम भूमिका निभा सकता है। इससे आम नागरिक आसानी से किसी भी संदिग्ध नोटिस की सच्चाई जांच सकेंगे और समय रहते ठगी से बच पाएंगे। यह पहल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
