
8वां वेतन आयोग (सोर्स-AI डिज़ाइन)
8th Pay Commission salary hike calculation 2026: 8वां वेतन आयोग अब लागू हो गया है, जिससे देश के करीब 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स के जीवन में बड़ी खुशहाली आने वाली है। इस नए आयोग के तहत ग्रुप D से लेकर ग्रुप C तक के वेतन में 20 से 35 प्रतिशत तक के भारी उछाल की उम्मीद जताई जा रही है। वेतन में यह वृद्धि मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर और कर्मचारी के निर्धारित पे-लेवल पर आधारित होगी। सरकार के इस कदम से निचले स्तर के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा और उनकी बेसिक सैलरी काफी बढ़ जाएगी।
वेतन में होने वाली बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय की जाती है, जो वर्तमान बेसिक सैलरी को गुणा करने का एक मानक अंक है। 7वें वेतन आयोग में यह अंक 2.57 निर्धारित किया गया था, जबकि 8वें वेतन आयोग में इसके 2.15 होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस गुणांक के आधार पर ही कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी का निर्धारण किया जाएगा, जिससे कुल वेतन में बड़ा अंतर आएगा।
केंद्र सरकार के तहत कार्यरत कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी और पद के अनुसार कुल 18 अलग-अलग लेवल में विभाजित किया गया है। लेवल 1 में ग्रुप D यानी एंट्री-लेवल कर्मचारी आते हैं, जबकि लेवल 2 से 9 तक ग्रुप C के कर्मचारी शामिल किए जाते हैं। लेवल 10 से 12 में ग्रुप B और लेवल 13 से 18 में ग्रुप A के उच्चाधिकारी अपनी सेवा देते हैं।
ग्रुप D के अंतर्गत वर्तमान बेसिक सैलरी 7वें वेतन आयोग के अनुसार करीब 18,000 रुपये निर्धारित है। अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.15 लागू होता है, तो उनकी नई बेसिक सैलरी बढ़कर 38,700 रुपये तक पहुंच सकती है। इस गणना के हिसाब से उनकी मासिक बेसिक सैलरी में सीधे 20,700 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी देखी जाएगी।
ग्रुप C में कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी करीब 29,200 रुपये है। 2.15 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने की स्थिति में इनकी नई बेसिक सैलरी बढ़कर 62,780 रुपये होने की संभावना है। इसका अर्थ है कि उनके वेतन में लगभग 33,580 रुपये का शानदार इजाफा होगा, जो उनके आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करेगा।
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वेतन आयोग के लागू होने से केवल वर्तमान कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि 69 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को भी सीधा फायदा पहुंचेगा। उनकी पेंशन राशि में भी इसी अनुपात में वृद्धि की जाएगी, जिससे सेवानिवृत्त जीवन गुजार रहे बुजुर्गों को बढ़ती महंगाई से लड़ने में मदद मिलेगी। सरकार का यह फैसला ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने का काम करेगा।






