धर्मराजेश्वर मंदिर (सौजन्य-एक्स)
नवभारत डेस्क: अगर आप एडवेंचर करने के शौकीन है और खासकर भारतीय सभ्यता और संस्कृति को एक्सप्लोर करना चाहते है और उसे निहारना चाहते है तो आज हम जिस जगह के बारे में बात कर रहे है ये सिर्फ आपके लिए है। ये भारतीय संस्कृति का एक पौराणिक मंदिर है जिसकी खास मान्यता है। ये मंदिर इतना भव्य है कि आपको देख के आश्चर्य होगा औक इसकी कला आपको इसे निहारने में मजबूर कर देगी।
ये मंदिर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में स्थित है जो अपनी पौराणिक कथाओं के लिए काफी मशहूर हैं। 5वीं और 6वीं सदी में निर्मित यह मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का प्रमाण है। यह भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर भगवान विष्णु के प्रति भक्ति का प्रमाण था। यहां मुख्य मंदिर के अलावा सात छोटे मंदिर है जोकि भगवान भैरव, देवी काली और देवी पार्वती सहित अन्य देवताओं को समर्पित है।
ये एक बेहतरीन और अनोखी इंजीनियरिंग का नमूना है, जिसे चट्टान को तराशकर बनाया गया है। यहां भगवान विष्णु और लक्ष्मी की डिटेल नक्काशी इतनी सुंदर और बारिकी से की गई है कि आप सोच में पड़ जाएंगे कि प्राचीन समय में ये करना कैसे मुमकिन है। ये कारीगरी इस समय के कारीगरों के इस मंदिर को लेकर समर्पण को दर्शाती है।
यहां चट्टानों के बीच छोटी गुफाएं भी बनी है। महाशिवरात्रि के अवसर पर तो यहां भक्तों की धूम मची होती है। इस दिन यहां दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते है। इस दौरान यहां जश्न और बहुत-सी कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।
ये मंदिर मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में स्थित है जो अपनी पौराणिक कथाओं के लिए काफी मशहूर हैं।
That time there was no heavy scale stone cutting machines but our ancestors created (carved) Shri Dharmraajeshwara Hindu Temple in Chandwasa, MP in rocks 🪨#IncredibleIndia 🇮🇳 pic.twitter.com/Bsvo69m9Eq — Major Surendra Poonia (@MajorPoonia) August 31, 2023
अगर आप भारतीय संस्कृति को एक्सप्लोर करना चाहते है तो यहां जरूर जाएं। यहां आप अपने परिवार, दोस्त और बैचर हाफ के साथ भी एक्सप्लोर करने जा सकते है।
यह भी पढ़ें- कर्नाटक में खूबसूरत झरनों से सजा है ये हिल स्टेशन, ठंड के मौसम में घूमने के लिए है परफेक्ट डेस्टीनेशन
धर्मराज मंदिर पहुंचने के लिए तीन मार्ग है।
सड़क मार्ग से: अगर आप सड़क मार्ग से ही धर्मराजेश्वर मंदिर जाना चाहते है तो ये मंदसौर शहर से लगभग 80 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, इसलिए मंदसौर से आप यहां ते लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं।
रेल द्वारा: यहां अगर आप रेल मार्ग से जाना चाहते है तो यहां का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन शामगढ़ है, जो मंदिर से लगभग 22 किमी दूर है। शामगढ़ से आप धर्मराजेश्वर पहुंचने के लिए आप टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या बस से भी यहां पहुंच सकते है।
हवाई मार्ग से: यहां अगर आप हवाई मार्ग से आना चाहते है तो यहां का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा इंदौर में है, जो मंदिर से लगभग 220 किमी दूर स्थित है। एटरपोर्ट से आप मंदसौर पहुंचने के लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं और सड़क मार्ग से धर्मराजेश्वर जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें- वैष्णो देवी का एहसास कराता ये मंदिर जहां नवरात्रि में रहती भक्तों की धूम, जरुर बनाए दर्शन का प्लान
धर्मराजेश्वर मंदिर के आसपास घूमने की कई जगहें है, ये जगह घूमने के लिए यहां की खास जगहों में से एक हैं।
गांधीसागर बांध ये मंदसौर से लगभग 85 किमी दूर है, जो यहां की फेमस जगहों में से एक है। यह चंबल नदी पर बना है और भारत के सबसे बड़े बांधों में से एक है। ये अपने खूबसूरत नेचर के लिए जाना जाता है, साथ ही यहां आप गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य भी देख सकते है, जोकि कई वन्य जीवों का घर हैं।
इसके पास ही मंदसौर का एक फेमस मंदिर मौजुद है पशुपतिनाथ मंदिर। ये यहां का फेमस मंदिर है, जिसके दर्शन करने लोग दूर-दूर से आते है। धर्मराजेश्वर से ये मंदिर लगभग 110 किमी दूर है। मंदसौर का यह पशुपतिनाथ मंदिर नेपाल के काठमांडू में स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर की तरह ही बनाया गया है।