ई-चालान वसूली (सौजन्य-सोशल मीडिया)
E-Challan Recovery: गोंदिया जिले में यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है, और कभी-कभी नियम तोड़ने के नतीजे बहुत बुरे होते हैं। लेकिन, इससे भी ज्यादा दुख की बात यह है कि किसी गैर-जिम्मेदार इंसान की गलती की सजा किसी बेगुनाह इंसान को भुगतनी पड़ती है। ज्यादातर यातायात दुर्घटना के मामलों में यही हाल होता है। इसलिए यातायात नियंत्रण शाखा को यातायात दुर्घटना रोकने के लिए नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
इसी के तहत यातायात नियंत्रण शाखा नियम तोड़ने वालों पर अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है, और ज्यादातर मामलों में सजा वाली कार्रवाई भी की जाती है। जिले में यातायात शाखा ने 2025 में 51,990 वाहन धारकों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई की है। इसमें से 3 करोड़ 57 लाख 54 हजार 200 रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जबकि सैकड़ों कार्रवाई से लाखों का जुर्माना अभी भी बकाया है।
अभी सुबह से ही विद्यार्थियों की ट्यूशन क्लास शुरू हो रही हैं, और उन्हें दिन भर भागदौड़ करनी पड़ती है। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चों की सुविधा के लिए वाहन खरीदकर उन्हें दे रहे हैं। हालांकि, ऐसा करते समय वे इस बात पर ध्यान नहीं देते कि उनके पास लाइसेंस है या नहीं।
कई नागरिक अभी भी मानते हैं कि लाइसेंस न होने पर यातायात पुलिस से अधिकतम जुर्माना 100 रुपये है। इसलिए, वे ऐसा व्यवहार करते हैं कि लाइसेंस बनवाने के झंझट से बेहतर है कि 100 रुपये दे दिए जाएं।
यातायात नियंत्रण शाखा किसी वाहन पर कार्रवाई करने के बाद, अगर उसने कई दिनों तक फाइन नहीं भरा है, तो भी उस पर ब्याज नहीं लगाया जा सकता। जो रकम बनती है, उसे नियमों के हिसाब से वसूलना होता है। अगर कोई व्यक्ति कार्रवाई के बाद भी पैसे नहीं देता है, तो यातायात शाखा फाइन की राशि नहीं बढ़ा सकती।
इस वजह से कई लोगों पर फाइन लग जाता है। हालांकि, अगर फाइन न भरने वाला कोई व्यक्ति दूसरी बार यातायात पुलिस के हाथ लगता है, तो उसकी जानकारी मशीन के जरिए मिल जाती है और वाहन जब्त कर दिया जाता है। पुरानी रकम वसूल होने के बाद वाहन छोड़ दिया जाता है।
चालान वाहनों की संख्या जुर्माना – ई-चालान 51,9990 3 करोड़ 57 लाख 84 हजार 200
1 जनवरी से 31 मार्च तक की गई कार्रवाई – ई-चालान 680 1 करोड़ 32 लाख 54 हजार 200
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गोंदिया यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक नागेश भास्कर ने कहा यातायात नियम तोड़ने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। ई-चालान फाड़े जा रहे हैं। कुछ लोग ई-चालान (E-Challan) भर देते हैं। कुछ उन्हें अनदेखी कर देते हैं। अगर कोई फाइन न देने वाला व्यक्ति दूसरी बार यातायात पुलिस के हाथ लगता है, तो उसकी जानकारी मशीन से मिल जाती है और वाहन जब्त कर लिया जाता है। पुरानी रकम वसूल होने के बाद वाहन छोड़ दिया जाता है। ई-चालान न देने वालों को नोटिस जारी किए जाते हैं। हालांकि, इस नोटिस की डिटेल्ड जानकारी मुंबई ऑफिस के पास है। यह हमारे पास उपलब्ध नहीं है।
यातायात नियम तोड़ने में युवा सबसे आगे हैं। वाहन चलाते समय उन्हें CCTV को नजरअंदाज करते देखना आम बात है। उन पर नजर रखने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन, माता-पिता भी युवाओं को नजरअंदाज कर देते हैं।