छत्रपति संभाजीनगर: 150 करोड़ खर्च, 22 करोड़ आय, बिजली बिल से बढ़ा बोझ; घाटे में जल आपूर्ति योजना
Sambhajinagar Water Supply Loss: छत्रपति संभाजीनगर में जल आपूर्ति पर 150 करोड़ खर्च, लेकिन आय केवल 22 करोड़। बढ़ते घाटे से मनपा की आर्थिक स्थिति पर दबाव।
- Written By: अंकिता पटेल
Sambhajinagar Municipal Finance Crisis( Source: Social Media )
Sambhajinagar Municipal Finance Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर की जल आपूर्ति योजना पर हर वर्ष भारी खर्च हो रहा है, जबकि इसके मुकाबले मनपा को पानी शुल्क से बहुत कम आय प्राप्त हो रही है।
स्थिति यह है कि जहां जल योजना पर सालाना लगभग 150 से 155 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं पानी शुल्क के रूप में केवल करीब 22 करोड़ रुपये ही मनपा के खजाने में जमा हो पा रहे हैं।
इस कारण जल आपूर्ति योजना लगातार घाटे में चल रही है और मनपा की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार शहर में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मनपा को हर वर्ष भारी खर्च करना पड़ता है।
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इसमें सबसे बड़ा हिस्सा बिजली खर्च का है। दूर स्थित जलस्रोतों से पानी पंप करने के कारण 70 से 80 करोड़ रुपये केवल बिजली बिल पर खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा जल आपूर्ति व्यवस्था के रखरखाव और अन्य खचों पर भी बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है।
दूसरी ओर पानी शुल्क से होने वाली आय बेहद कम है। पिछले वर्ष नागरिकों से पानी शुल्क के रूप में मनपा को 22 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की आय हुई, जबकि प्रशासन को इससे लगभग 100 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद थी। खर्च और आय के बीच इस बड़े अंतर के कारण जल आपूर्ति योजना पर हर वर्ष भारी घाटा दर्ज किया जा रहा है।
घाटे को कम करने में मिलेगी मदद
यदि अवैध नल कनेक्शनों को वैध कर नियमित रूप से पानी शुल्क वसूला जाए, तो मनपा के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि ही सकती है। इससे जल योजना पर हो रहे भारी घाटे को कम करने में भी मदद मिलेगी और शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को आर्थिक रूप से स्थिर बनाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जल योजना को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई और राजस्व बढ़ाने के ठोस कदम उठाना बेहद आवश्यक है। तभी मनपा की जल आपूर्ति व्यवस्था को घाटे से बाहर निकाला जा सकेगा।
अवैध कनेक्शन वैध करने पर बढ़ेगा मनपा का राजस्व
एक और जहां हर वर्ष पानी योजना का घाटा, बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी और शहर में बड़ी संख्या में मौजूद अवैध नल कनेक्शनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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मनपा, प्रशासन इन कनेक्शनों के खिलाफ सख्ती, से कदम उठाने से बचता हुआ दिखाई देता है। विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि यदि मनपा प्रशासन शहर के सभी प्रभागों में व्यापक अभियान चलाकर अवैध नल कनेक्शनों की पहचान करे और उन्हें वैध बनाने की प्रक्रिया शुरू करें, तो इससे मनपा की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है इसके लिए आवश्यक है कि प्रशासन मनपा पदाधिकारियों और नगरसेवकों को विश्वास में लेकर प्रत्येक प्रभाग में अभियान चलाए और अवैध कनेक्शनों की तलाश कर उन्हें नियमित करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करें।
