Magh Mela 2026: अगर प्रयागराज जाकर ये 5 जगहें नहीं देखीं, तो अधूरी रह जाएगी आपकी त्रिवेणी यात्रा!
Magh Mela Travel Guide: माघ मेला 2026 के दौरान प्रयागराज पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ स्थानों के दर्शन बेहद खास माने जाते हैं। संगम स्नान से लेकर पावन मंदिरों तक इन 5 जगहों को जरूर देखें।
- Written By: प्रीति शर्मा
प्रयागराज माघ मेला और इलाहबाद किला (सौ. फ्रीपिक)
Places to Visit in Prayagraj: प्रयागराज में 3 जनवरी से माघ मेला 2026 का आगाज हो गया है। यह मेला 45 दिनों तक चलने वाला है। 15 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में इस बार करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। यदि आप भी संगम की डुबकी लगाने जा रहे हैं तो अपनी ट्रैवल लिस्ट में इन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को जरूर शामिल करें।
संगम की पवित्र रेती पर तंबुओं का शहर सज चुका है। माघ मेला 2026 जिसे अगले साल होने वाले महाकुंभ का रिहर्सल भी माना जा रहा है श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। प्रशासन ने इस बार मेला क्षेत्र को 800 हेक्टेयर तक बढ़ा दिया है ताकि मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे मुख्य स्नान पर्वों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को संभाला जा सके।
प्रयागराज का माघ मेला सिर्फ आस्था का संगम नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत उदाहरण है। संगम स्नान के साथ-साथ प्रयागराज में कई ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं जिनके बिना आपकी यात्रा अधूरी मानी जाएगी।
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इलाहाबाद किला और अक्षयवट
सम्राट अकबर द्वारा 1583 में निर्मित यह किला वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। किले के भीतर स्थित अक्षयवट के दर्शन अत्यंत पुण्यकारी माने जाते हैं। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम ने यहां विश्राम किया था।
लेटे हुए हनुमान जी
संगम के पास स्थित यह मंदिर दुनिया में इकलौता है, जहाँ बजरंगबली शयन मुद्रा में विराजमान हैं। भक्त मानते हैं कि गंगा मैया हर साल स्वयं हनुमान जी का अभिषेक करने यहां आती हैं।
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अलोपी देवी मंदिर
यह एक अनोखा शक्तिपीठ है जहां किसी मूर्ति की नहीं बल्कि एक पालने की पूजा होती है। यह मंदिर देवी की अदृश्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है। प्रयागराज जा रहे हैं तो यहां पर दर्शन जरूर करें।
खुसरो बाग
मुगल वास्तुकला के शौकीनों के लिए यह जगह जन्नत है। यहां जहांगीर के परिवार के बेहद खूबसूरत मकबरे और नक्काशीदार गुंबद मौजूद हैं।
चंद्रशेखर आजाद पार्क
यह वही ऐतिहासिक पार्क है जहां देश के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
प्रशासन की तैयारियां
इस बार माघ मेले में सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए बिजली, शुद्ध पेयजल और सुगम यातायात के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इस आध्यात्मिक उत्सव में आने वाले हर यात्री के सुरक्षित और सुखद अनुभव का ध्यान रखा जा रहा है।
