लवासा (सौ. फ्रीपिक)
Maharashtra Tourism: यूरोप की सड़कों पर घूमने का सपना देख रहे हैं तो आपको लाखों खर्च करने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र का लवासा शहर आपको बिना विदेश जाए इटली के पोर्टोफिनो जैसा अनुभव कराएगा। सह्याद्रि की पहाड़ियों और वरसगांव झील के किनारे बसा यह शहर पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है।
भारत के कई खूबसूरत हिल स्टेशन में से एक लवासा अपनी अनूठी बनावट और मॉडर्न प्लानिंग के कारण सबसे अलग है। इसे भारत का लिटिल इटली भी कहा जाता है। क्योंकि इसकी डिजाइन इटली के प्रसिद्ध तटीय शहर पोर्टोफिनो से प्रेरित है।
लवासा की रंग बिरंगी भूमध्यसागरीय शैली की इमारत, झील के किनारे बनी लंबी सड़कें और पत्थर से बने रास्ते इसे पूरी तरह से यूरोपीय वाइब देते हैं। झील का शांत पानी और चारों तरफ धुंध से ढके पहाड़ इस जगह को किसी पेंटिंग जैसा खूबसूरत बना देते हैं।
यह लवासा का दिल है। यहां झील के किनारे रंगीन इमारतों के बीच पैदल चलना या साइकिल चलाना आपको विदेश जैसा सुकून देता है।
रोमांच के शौकीनों के लिए यहाँ जेट स्कीइंग, कयाकिंग, ट्रैकिंग और माउंटेन बाइकिंग की शानदार सुविधा है।
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यहां के कैफे और रेस्तरां में बैठकर आप ग्लोबल कुजीन का लुत्फ उठा सकते हैं जो आपको किसी इटैलियन कैफे की याद दिलाएंगे।
फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यहाँ की घाटियों और धुंध भरे रास्तों पर पैदल चलना एक यादगार अनुभव होता है।
सह्याद्रि पहाड़ियों के बीच बने आलीशान रिसॉर्ट्स यहाँ के स्टे को और भी यादगार बना देते हैं।
लवासा घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का माना जाता है। इस समय मौसम बहुत ही शानदार होता है। मानसून के समय यहां की हरियाली देखने लायक होती है।
लवासा पुणे से लगभग 57 किमी और मुंबई से 190 किमी दूर स्थित है जिससे सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। लवासा पहुंचने का सबसे सुविधाजनक तरीका कार या टैक्सी है क्योंकि रास्ते में सह्याद्री पहाड़ियों और घुमावदार सड़कों के मनोरम दृश्य दिखाई देते हैं। पुणे से यहां पहुंचने में लगभग 1.5 से 2 घंटे लगते हैं जबकि मुंबई से लगभग 4 से 5 घंटे का समय लगता है।
रोमांटिक गेटवे हो या फैमिली हॉलिडे लवासा की सड़कें और झील का किनारा आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा।