Telegram पर बड़ी कार्रवाई, सरकार का नोटिस, अब मुफ्त में फिल्म-वेब सीरीज देखने वालों को लग सकता है झटका

Online Piracy को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के तहत नोटिस जारी किया है।
Telegram faces major action, government notice; free movie and web series watchers may be in for a shock
Telegram (Source. Freepik)
Published on
Updated on

Telegram Notice Government: ऑनलाइन पायरेसी को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के तहत नोटिस जारी किया है। सरकार ने टेलीग्राम को साफ तौर पर निर्देश दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर गैर-कानूनी तरीके से शेयर किए जा रहे पायरेटेड कंटेंट को तुरंत हटाए। असल में, कुछ समय से शिकायतें आ रही थीं कि टेलीग्राम पर बड़ी संख्या में फिल्मों और वेब सीरीज की गैर-कानूनी कॉपी शेयर की जा रही हैं। मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

OTT कंपनियों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

सरकार का यह एक्शन कई बड़े OTT प्लेटफॉर्म्स की शिकायतों के बाद आया है। शिकायत करने वालों में JioCinema और Amazon Prime Video के साथ-साथ कई बड़ी डिजिटल स्ट्रीमिंग कंपनियां भी शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म्स का आरोप है कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपी टेलीग्राम पर बड़े पैमाने पर शेयर की जा रही हैं। कंपनियों का कहना है कि जैसे ही कोई नई फिल्म या वेब सीरीज रिलीज होती है, कुछ ही घंटों में टेलीग्राम चैनलों पर गैर-कानूनी कॉपी उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे उनके बिजनेस को सीधा नुकसान होता है।

जांच में सामने आए हजारों टेलीग्राम चैनल

जांच के दौरान सरकार को चौंकाने वाली जानकारी मिली। जांच में टेलीग्राम पर बड़ी संख्या में ऐसे चैनल सामने आए जो लगातार फिल्मों और OTT कंटेंट की पायरेटेड कॉपी दे रहे थे। सरकारी जांच में कुल 3,142 टेलीग्राम चैनल की पहचान हुई जो गैर-कानूनी तरीके से कॉपीराइट कंटेंट शेयर कर रहे थे। इसके बाद, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को इन सभी चैनलों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने और प्लेटफॉर्म से पायरेटेड कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है।

पायरेसी से OTT इंडस्ट्री को भारी नुकसान

OTT कंपनियों का कहना है कि ऑनलाइन पायरेसी उनके लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। जब किसी नई फिल्म या वेब सीरीज़ की गैर-कानूनी कॉपी ऑनलाइन रिलीज़ होती हैं, तो इससे सब्सक्रिप्शन-बेस्ड प्लेटफॉर्म के व्यूअरशिप और रेवेन्यू दोनों पर असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डिजिटल ज़माने में तेज़ी से बढ़ती पायरेसी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। अगर तुरंत एक्शन नहीं लिया गया, तो इसका असर पूरे एंटरटेनमेंट सेक्टर पर पड़ सकता है।

आगे भी जारी रहेगी सरकार की सख्ती

सरकार ऑनलाइन पायरेसी को रोकने के लिए पहले ही कई कदम उठा चुकी है। मंत्रालय का कहना है कि कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म पर लगातार नज़र रखी जा रही है। ज़रूरत पड़ने पर और भी सख़्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इस पहल को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे फ़िल्मों और वेब सीरीज़ की गैर-कानूनी शेयरिंग पर रोक लगने की उम्मीद है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com