-
रवि, 9 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Technology »
- Us Addictive Design Act Ai Chatbot Regulation Minors
अब बच्चों को AI चैटबॉट का आदी बनाना पड़ेगा भारी, अमेरिकी संसद में पेश हुआ Addictive Design Act
- Written By: अमन उपाध्याय
AI Chatbot Addictive Act: US में नाबालिगों को एआई चैटबॉट के मानसिक दुष्प्रभाव और लत से बचाने के लिए एडिक्टिव डिजाइन एक्ट पेश किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर कंपनियों पर करोड़ों का जुर्माना लगेगा।

AI कंपनियों को अमेरिका की चेतावनी, सांकेतिक एआई फोटो
US AI Addictive Design Act: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दौर में बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिका में नाबालिगों को एआई चैटबॉट्स के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एक बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। वर्मोंट से डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि बेका बालिंट ने एडिक्टिव डिज़ाइन एक्ट पेश किया है।
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एआई चैटबॉट बनाने वाली कंपनियों को ऐसे फीचर्स विकसित करने से रोकना है, जो बच्चों में भावनात्मक निर्भरता, अत्यधिक उपयोग और लत को बढ़ावा देते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य संकट और एआई का सहारा
यह विधेयक ऐसे संवेदनशील समय में लाया गया है जब बड़ी संख्या में किशोर अपनी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अकेलेपन को दूर करने के लिए एआई चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Typhoon Dolphin आने से पहले चीन में हड़कंप! बंद हुए बंदरगाह, थमीं समुद्री सेवाएं
Hormuz Strait: यूएई के जहाज पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, कहा- रास्ता नहीं खुलेगा
9 अगस्त 1945 को हुए परमाणु हमले की याद में मनाए जाने वाले Nagasaki Day का इतिहास
जेब में रखें AI Translator, Google का नया डिवाइस बिना इंटरनेट करेगा भाषा का अनुवाद, जानिए कैसे करता है काम
हालांकि, विशेषज्ञों और बालिंट के कार्यालय का मानना है कि अधिकांश चैटबॉट्स को इस तरह से डिजाइन नहीं किया गया है कि वे किसी मानसिक संकट से गुजर रहे युवा को सुरक्षित या उचित परामर्श दे सकें। बालिंट ने कड़े शब्दों में कहा कि तकनीकी कंपनियों को अपनी वही पुरानी ‘ध्यान खींचने वाली रणनीतियां’ उन बच्चों पर लागू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जो पहले से ही संकट में हैं।
इन फीचर्स पर गिरेगी गाज, लगेगा भारी जुर्माना
प्रस्तावित कानून के तहत कई लोकप्रिय एआई फीचर्स को खतरनाक की श्रेणी में रखा गया है। इसमें टाइपिंग बबल्स डिजिटल अवतार और पुरानी बातचीत के आधार पर व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग करना शामिल है।
इसके अलावा, अगर कोई चैटबॉट किसी वास्तविक व्यक्ति का रूप धरता है या दो घंटे से अधिक समय तक लगातार बातचीत की अनुमति देता है, तो उसे ‘एडिक्टिव डिजाइन’ माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर प्रति प्रभावित नाबालिग 5,000 डॉलर तक का सिविल जुर्माना लगाया जा सकता है।
AI चैटबॉट एडिक्शन, एआई फोटो
रिसर्च और जागरूकता के लिए करोड़ों का फंड
विधेयक में केवल पाबंदियां ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं। इसके तहत एक अंतर-एजेंसी टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो युवाओं के लिए एआई के जोखिमों पर अपनी सिफारिशें देगी।
साथ ही, वैज्ञानिक शोध के लिए 30 लाख डॉलर और माता-पिता व शिक्षकों के बीच जागरूकता फैलाने वाले कार्यक्रमों के लिए 50 लाख डॉलर की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव है। कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे शोधकर्ताओं को आवश्यक डेटा उपलब्ध कराएं ऐसा न करने पर उन पर 1 करोड़ डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है।
यह भी पढ़ें:- इजरायल की नाराजगी के बावजूद तुर्की को F-35 देना चाहते हैं ट्रंप, क्या भड़क सकता है नया विवाद?
डॉक्टर का विकल्प नहीं है एआई चैटबॉट
अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन की सीईओ डॉ. मार्केटा एम. विल्स का कहना है कि एआई भले ही सेवाओं में सुधार कर सकता है, लेकिन यह कभी भी डॉक्टर और मरीज के वास्तविक मानवीय संबंध का स्थान नहीं ले सकता। सुरक्षित और साक्ष्य-आधारित उपचार के लिए विशेषज्ञ का परामर्श अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें:- इजरायल की नाराजगी के बावजूद तुर्की को F-35 देना चाहते हैं ट्रंप, क्या भड़क सकता है नया विवाद?
वहीं, सेंटर फॉर हेल्थ एंड डेमोक्रेसी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों की मानसिक सेहत की कीमत पर कंपनियों को मुनाफा कमाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
Us addictive design act ai chatbot regulation minors
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
चंद्रपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला नर तेंदुए का शव, टक्कर से सिर में लगी न्यूरोलॉजिकल शॉक से मौत
Aug 09, 2026 | 09:53 AMTyphoon Dolphin आने से पहले चीन में हड़कंप! बंद हुए बंदरगाह, थमीं समुद्री सेवाएं
Aug 09, 2026 | 09:49 AMसुप्रिया सुले का केंद्र पर हमला: प्रस्तावित FCRA संशोधन बिल का विरोध, NCP सांसद आज पीएम मोदी से मिलेंगे
Aug 09, 2026 | 09:43 AMExplainer: भारत के स्वदेशी ड्रोन पर दुनिया की दिलचस्पी, अमेरिका, चीन और ईरान के ड्रोन से कितना अलग है KAL?
Aug 09, 2026 | 09:39 AMअमरनाथ यात्रा पर बड़ा अपडेट! 9 अगस्त से पहलगाम-बालटाल दोनों रूट बंद, जानें क्यों लिया गया फैसला
Aug 09, 2026 | 09:35 AMRedmi Note 17 5G: 8000mAh बैटरी और 120Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ आया Redmi का नया फोन, जानें कीमत
Aug 09, 2026 | 09:31 AMएशिया कप 2026 से पहले टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, जेमिमा रोड्रिग्स हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते द हंड्रेड से बाहर
Aug 09, 2026 | 09:28 AMवीडियो गैलरी

JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा, बोले- युवाओं को नजरअंदाज करना सौतेला व्यवहार! देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 10:53 PM
ना मशीन, ना मोटर…अचानक कुएं उठने लगीं समुद्र जैसी लहरें! वैज्ञानिक वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप-VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:54 PM
Exclusive: बलूचिस्तान ने किया ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का ऐलान! 11 अगस्त को पाकिस्तान में मचेगा गदर- VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:45 PM
यूनिवर्सिटी से मीडिया तक RSS के प्रचारक, प्रयागराज में गरजे राहुल गांधी, सरकार पर बोला तीखा हमला; देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:34 PM
15 दिन से भूख हड़ताल पर देवेंद्र नाथ महतो! उग्र हुआ JPSC-JSSC छात्रों का आंदोलन, देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:06 PM
सोनीपत वीडियो कॉल अंतिम संस्कार में सबसे बड़ा मोड़! वृद्धाश्रम के संचालक ने खोला 5100 रुपये का असली राज- VIDEO
Aug 07, 2026 | 10:47 PM













