30 गांवों में श्मशान भूमि की सुविधा नहीं: मारेगांव में सालों से उठ रही मांग को प्रशासन ने किया नजरअंदाज

Village Cremation Protest: यवतमाल के मदनापुर में श्मशान भूमि नहीं होने से ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत परिसर में ही वृद्ध का अंतिम संस्कार किया। घटना ने प्रशासन की कार्यशैली व विकास के दावों पर उठे सवाल।
No cremation ground facilities in 30 villages: Administration ignores long-standing demand in Maregaon.
मारेगांव, मदनापुर, श्मशान भूमि विवाद (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Yavatmal No Cremation Ground: यवतमाल जिले में मारेगांव कई वर्षों से श्मशान भूमि की मांग करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। प्रशासन की संवेदनहीनता और निर्षक्रय कार्यप्रणाली के विरोध में ग्रामीणों ने तीव्र रोष व्यक्त किया है।

इसी बीच तहसील के ग्राम मदनापुर में श्मशान भूमि नहीं होने के कारण एक परिवार ने ग्राम पंचायत कार्यालय के परिसर में ही वृद्ध का अंतिम संस्कार किया। इस घटना ने विकास के दावों और योजनाओं का प्रचार करने वाली व्यवस्था को आईना दिखाया है। मदनापुर निवासी रामदास पुरुषोत्तम मानकर (81) का निधन हो गया।

श्मशान नहीं मिला तो ग्राम पंचायत परिसर में किया अंतिम संस्कार

लेकिन गांव सहित आसपास के करीब 30 गांवों में श्मशान भूमि की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके परिवार के सामने अंतिम संस्कार कहां किया जाए, यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया। इस दौरान मृतक के बेटे विजय मानकर ने प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए अपने पिता का अंतिम संस्कार ग्राम पंचायत कार्यालय के प्रांगण में करने का निर्णय लिया।

इस निर्णय को ग्रामीणों ने भी समर्थन दिया और आखिरकार रामदास मानकर का अंतिम संस्कार ग्राम पंचायत कार्यालय परिसर में ही किया गया। गांव में श्मशान भूमि उपलब्ध कराने की मांग कई बार जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन से की गई थी। लेकिन प्रशासन की उदासीन और टालमटोल वाली भूमिका के कारण ग्रामीणों को न्याय नहीं मिला। इसी वजह से आज गांववासियों पर ग्राम पंचायत कार्यालय में ही अंतिम संस्कार करने की नौबत आ गई है।

तहसील के 30 गावों में है गंभीर समस्या

मारेगांव तहसील के करीब 30 गांवों में श्मशान भूमि की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में स्थानीय विधायक ने हाल ही में संपन्न हुए अधिवेशन में भी श्मशान भूमि उपलब्ध कराने की मांग उठाई थी, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रस्ताव भेजा गया है, प्रक्रिया में है

आज मदनापुर में ग्राम पंचायत कार्यालय के प्रांगण में एक वृद्ध का अंतिम संस्कार किया गया। इस गांव में पहले वन विभाग की जमीन पर अंतिम संस्कार किए जाते थे। लेकिन वह जमीन वन विभाग के स्वामित्व में होने के कारण वहां अधिकृत श्मशान भूमि का निर्माण नहीं किया जा सका। श्मशान भूमि निर्माण के लिए वन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है, जो फिलहाल मंजूरी की प्रक्रिया में है।

- मारेगांव पंस, समूह विकास अधिकारी, भीमराव व्हनखंडे

विभाग को बार-बार निवेदन दे चुके

वन विभाग को बार-बार निवेदन देकर प्रयास किया है। इसके बावजूद शासन स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई।

- मारेगांव वन व्यवस्थापन समिति, अध्यक्ष अनिकेत मानकर

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