

YONO App Update: देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म का नया वर्जन YONO 2.0 लॉन्च कर दिया है। यह अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग को एक ही सिस्टम पर जोड़ता है, जिससे 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक डिजिटल बैंकिंग अनुभव मिलेगा। SBI का उद्देश्य YONO 2.0 के जरिए डिजिटल सेवाओं को किफायती बनाने के साथ-साथ ग्राहकों को पर्सनलाइज्ड बैंकिंग सुविधाएं देना है।
YONO 2.0 में मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग को एक ही बैंकिंग आर्किटेक्चर में इंटीग्रेट किया गया है। इसका मतलब यह है कि ग्राहक अब बिना किसी रुकावट के मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। SBI के अनुसार, नया इंटरफेस न सिर्फ यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाता है, बल्कि सुरक्षा और पर्सनलाइजेशन को भी मजबूत करता है। इससे सभी डिजिटल चैनलों पर एक समान और स्मूद अनुभव मिलेगा।
YONO 2.0 की सबसे अहम खासियत इसका सरल KYC और री-KYC सिस्टम है। अब ग्राहकों को अलग-अलग सेवाओं के लिए बार-बार KYC कराने की जरूरत नहीं होगी। SBI का कहना है कि इससे डिजिटल ऑनबोर्डिंग के दौरान आने वाली परेशानियां कम होंगी और नए ग्राहकों के लिए अकाउंट खोलने की प्रक्रिया तेज होगी। खासकर उन यूजर्स को फायदा मिलेगा, जो पहली बार डिजिटल बैंकिंग की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
फिलहाल YONO 2.0 अंग्रेजी और हिंदी भाषा में उपलब्ध है, लेकिन SBI ने साफ किया है कि आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से 15 भारतीय भाषाओं तक बढ़ाया जाएगा। इसका मकसद देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को ज्यादा सुलभ बनाना है। भाषा सपोर्ट बढ़ने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के ग्राहकों को भी डिजिटल सेवाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।
YONO 2.0 में सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए कार्बन फुटप्रिंट ट्रैकिंग और ग्रीन स्कोर जैसे नए फीचर्स जोड़े गए हैं। लॉन्च के दौरान SBI चेयरमैन "सी एस सेटी" ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को जोड़ने की लागत काफी कम होती है। फिलहाल YONO के करीब 9.6 करोड़ यूजर हैं और बैंक आने वाले समय में इस संख्या को और बढ़ाने की योजना बना रहा है। आज YONO सेविंग अकाउंट खोलने से लेकर पर्सनल लोन तक के लिए SBI का एक अहम डिजिटल जरिया बन चुका है।