Samsung 18000mAh battery (Source. AI)
Samsung Battery: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन एक बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर लोग दिन में कई बार फोन चार्ज करने को मजबूर होते हैं। अगर आप भी बार-बार चार्जिंग से परेशान हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। दक्षिण कोरिया की दिग्गज टेक कंपनी Samsung अब इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने में जुटी है।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी की बैटरी बनाने वाली इकाई Samsung SDI नई पीढ़ी की सिलिकॉन-कार्बन (Si-C) बैटरियों पर तेजी से काम कर रही है। माना जा रहा है कि ये बैटरियां मौजूदा स्मार्टफोन बैटरियों से कहीं ज्यादा ताकतवर और लंबे समय तक चलने वाली होंगी।
फिलहाल ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है, जिसमें ग्रेफाइट आधारित एनोड लगाया जाता है। लेकिन नई तकनीक में ग्रेफाइट की जगह सिलिकॉन-कार्बन का उपयोग किया जा रहा है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम जगह में ज्यादा ऊर्जा स्टोर की जा सकती है। इसका मतलब यह है कि फोन की मोटाई ज्यादा बढ़ाए बिना बैटरी क्षमता कई गुना तक बढ़ाई जा सकती है। इससे यूजर्स को लंबे समय तक बैटरी बैकअप मिल सकता है।
लीक रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी फिलहाल तीन अलग-अलग क्षमता वाली बैटरियों पर प्रयोग कर रही है, जो भविष्य के स्मार्टफोन को पूरी तरह बदल सकती हैं।
यह बैटरी दो सेल को जोड़कर तैयार की गई है, जिनकी क्षमता लगभग 6,800mAh और 5,200mAh बताई जा रही है। दावा है कि इसे एक बार फुल चार्ज करने के बाद यूजर लगभग 20 से 25 घंटे तक लगातार इंटरनेट चला सकता है।
यह बैटरी तीन सेल को मिलाकर बनाई जा रही है। इसकी मोटाई करीब 12.8mm तक हो सकती है और इसकी ताकत लगभग एक पावर बैंक जितनी मानी जा रही है। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ में बड़ा बदलाव आ सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने 20,000mAh बैटरी पर भी प्रयोग किया था। हालांकि टिकाऊपन और सुरक्षा के मानकों पर यह पूरी तरह सफल नहीं हो पाई, इसलिए फिलहाल इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया है।
ये भी पढ़े: गाड़ी चलाने से पहले जान लें Third Party Insurance, नहीं तो पड़ सकता है भारी
बैटरी तकनीक विकसित करते समय कंपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क है। दरअसल, साल 2016 में Samsung Galaxy Note 7 से जुड़ी बैटरी समस्या ने टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया था।
इसी वजह से कंपनी जल्दबाजी करने के बजाय नई बैटरियों की सुरक्षा और टिकाऊपन पर खास ध्यान दे रही है। कंपनी का लक्ष्य ऐसी बैटरी तैयार करना है जो कम से कम 1,500 बार चार्ज होने के बाद भी अपनी क्षमता बनाए रखे। इसके अलावा फोन को गर्म होने से बचाने के लिए खास कूलिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर लेयर पर भी काम किया जा रहा है।
अगर सिलिकॉन-कार्बन बैटरी तकनीक सफल हो जाती है, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन यूजर्स को बार-बार फोन चार्ज करने की परेशानी से राहत मिल सकती है। लंबी बैटरी लाइफ के साथ यह तकनीक मोबाइल इस्तेमाल के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है।