WhatsApp पर लगी फोटो और खाते से उड़ गए 7.8 करोड़, पूर्व PM के बेटे के साथ हुआ ऐसा साइबर फ्रॉड
WhatsApp Scam: देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल से जुड़ी कंपनी को करीब 7.8 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का सामना करना पड़ा। जिसने सभी को हैरान किया।
- Written By: सिमरन सिंह
Naresh Gujral (Source. Social Media)
WhatsApp DP Fraud: देश में इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ते हुए साइबर ठगी के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं लेकिन इस बार जिस शख्स को निशाना बनाया गया है उनकी पहचान ने सभी को हैरान कर दिया। बता दें कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल से जुड़ी कंपनी को करीब 7.8 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का सामना करना पड़ा।
इसमें हैरानी की बात यह है कि पूरा खेल सिर्फ एक WhatsApp प्रोफाइल फोटो और भरोसे के दम पर अंजाम दिया गया था। इस मामले को समझने के बाद यह पता चलता है कि साइबर अपराधी अब सिर्फ आम लोगों को नहीं बल्कि बड़े नामों और प्रतिष्ठित परिवारों को भी निशाना बना रहे हैं।
ऐसे शुरू हुआ करोड़ों की ठगी का खेल
रिपोर्ट्स में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार नरेश गुजराल की कंपनी में कार्यरत एक वरिष्ठ अधिकारी को एक अनजान नंबर से WhatsApp मैसेज आता है। उस नंबर पर लगी DP बिल्कुल नरेश गुजराल की थी। जिससे अधिकारी को लगा कि संदेश उनके बॉस की ओर से भेजा गया है। इस मैसेज के अदंर तत्काल एक बैंक खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया था। पहले तो करीब 1.5 करोड़ रुपये RTGS के जरिए भेजे गए। क्योंकि यह संदेश और बातचीत पूरी तरह भरोसेमंद लग रही थी तो इसलिए अधिकारी को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।
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चार दिन में निकलवा लिए 7.8 करोड़ रुपये
इस मामले में ठग ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई। उसने पहले विश्वास बनाया और फिर अगले चार दिनों तक अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे निकालता रहा। इन संदेश को देख कर अधिकारी हर बार निर्देशों का पालन करता गया और आखिरकार कुल 7.8 करोड़ रुपये ठग के बताए खाते में ट्रांसफर कर बैठा। मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि बैंक को इतनी बड़ी रकम की आवाजाही पर शक हुआ और उसने कंपनी के CFO से संपर्क किया। लेकिन CFO ने भी यह मान लिया कि निर्देश वास्तव में नरेश गुजराल की तरफ से ही भेजा गया होगा।
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बेटी के एक सवाल से खुली पूरी पोल
जानकार में बताया गया है कि मामले में नया मोड़ तब आया जब 16 जून को अधिकारी को कुछ संदेह हुआ। उसने नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा से संपर्क किया और पैसे ट्रांसफर की जानकारी दी। यह सुनकर परिवार हैरान रह गया क्योंकि नरेश गुजराल ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया थे। जिसके बाद तुरंत ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम IFSO ने जांच शुरू कर दी है। जिसमें पुलिस जिस बैंक खाते में रकम भेजी गई थी उसे ट्रैक कर चुके है। वहीं अभी तक की राहत वाली बात यह है कि करीब 4 करोड़ रुपये का पता लगा चुका है और उन्हें फ्रीज कर दिया गया है।
