

Micro robots: जर्मनी की केमनिट्ज प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ऐसे माइक्रो रोबोट विकसित किए हैं, जो पानी की स्वच्छता की जांच करने में सक्षम होंगे। एक मिलीमीटर आकार के ये सूक्ष्म रोबोट न केवल पानी में स्वतंत्र रूप से चल सकते हैं, बल्कि आपस में बातचीत भी कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन रोबोट्स का इस्तेमाल चिकित्सा, पर्यावरण और तकनीकी क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
वैज्ञानिकों ने इन रोबोट्स को "स्मार्टलेट्स" नाम दिया है। इनकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
इन स्मार्टलेट्स का प्रयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है:
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक हमारी दैनिक जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती है। छोटे-से ये रोबोट पर्यावरणीय निगरानी से लेकर चिकित्सा तक, कई क्षेत्रों में क्रांति लाने की क्षमता रखते हैं। इसके साथ ही हो सकता है कि भविष्य में इस छोटे से रोबोट का इस्तेमाल कई बड़े कामों के लिए भी किया जाए।