नागपुर मनपा की पहली सभा में मचेगा गदर! 20 मार्च को 'परिवहन और विज्ञापन घोटाले' पर सत्तापक्ष ही घेरेगा प्रशासन

Nagpur NMC General Body Meeting: नागपुर मनपा की पहली आम सभा 20 मार्च को। परिवहन और विज्ञापन घोटालों पर घिरेगा प्रशासन। बाल्या बोरकर और संजय महाकालकर ने जल संकट पर मांगी रिपोर्ट।
First general body meeting of newly elected Nagpur Municipal Corporation on March 20. Transport and advertising scams, water crisis, and committee formations on the agenda.
परिवहन विभाग (फाइल फोटो)
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Transport Scam Nagpur: नागपुर मनपा में प्रशासक राज के 4 वर्षों बाद अब हुए आम चुनावों से सत्ता स्थापित होने पर पहली आम सभा का आयोजन होने जा रहा है। पहली ही आम सभा परिवहन और विज्ञापन घोटालों से गूंजने की संभावना जताई जा रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वयं मनपा के सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर की ओर से इस मसले को लेकर प्रश्नोत्तरकाल के लिए प्रश्न दिया है।

इसी तरह से मनपा की सभा में पानी की किल्लत, कर्मचारियों के वेतन आदि मामले को लेकर भी हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 20 मार्च को सुरेश भट सभागृह में मनपा की पहली आम सभा होने जा रही है जिसके लिए गुरुवार को एजेंडा भी जारी किया गया।

बिलों में गड़बड़ी पर होगा हंगामा

शहर में पेयजल की समस्या और कंपनी की कार्यप्रणाली चर्चा का मुख्य केंद्र रहने वाली है। पार्षद आभा पांडे ने नागरिकों को मिल रहे गलत पानी के बिलों और इस पर जलप्रदाय विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं विपक्ष के नेता संजय महाकालकर ने गर्मी की शुरुआत के साथ ही गहराने वाले जल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है।

अवैध होर्डिंग्स और परिवहन विभाग पर सवाल

शहर में बड़ी संख्या में लगे अवैध होर्डिंग्स को लेकर पार्षद पिंटू झलके ने मनपा की नीति और अनुमति प्राप्त होर्डिंग्स की जानकारी मांगी है। परिवहन विभाग के अंतर्गत बाल्या बोरकर ने JNNURM की कंडम बसों के स्पेयर पार्ट्स की कमी और 'चलो एप' कंपनी से होने वाली आय व अनुबंध की शर्तों पर विस्तृत विवरण मांगा है। कर्मचारियों का वेतन और स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के बकाया वेतन का मुद्दा भी सभा में गूंजेगा। पार्षद डोरले ने पूछा है कि शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन कितने महीनों से लंबित है और इसका स्वास्थ्य सुविधाओं पर क्या असर पड़ रहा है। इसके अलावा स्लम विभाग के कार्यों और भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड में कचरा निपटान की प्रगति पर भी चर्चा होगी।

NIT और समितियों पर कब्ज़ा

सत्तापक्ष की प्राथमिकता नागपुर सुधार प्रन्यास (एनआईटी) के विश्वस्त मंडल में अपने सदस्य की नियुक्ति और नामकरण समिति तथा दुर्बल घटक समिति के गठन पर है। यह उनके राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी तरह से चूंकि अग्निशमन समिति की प्रस्तावित सभापति मायाताई इवनाते की ताजपोशी राज्यसभा में बतौर सदस्य होने के कारण अब अग्निशमन व विद्युत विशेष समिति में भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक सदस्य का नामांकन प्रस्तावित है, जो स्पष्ट करता है कि पार्टी समितियों में अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहती है।

दुर्बल घटक समिति का भी गठन

उल्लेखनीय है कि मनपा की ओर से अब तक 9 विषय समितियों का गठन किया गया है किंतु सबसे महत्वपूर्ण दुर्बल घटक समिति को टाला जाता रहा है। बताया जाता है कि 20 मार्च को होने जा रही मनपा की आम सभा में दुर्बल घटक समिति का गठन होगा। इसी सभा में नामकरण समिति का भी गठन होने जा रहा है। इसके अलावा चुनाव के बाद स्वीकृत किए गए 38 प्रभागों को 10 प्रशासनिक जोन (जैसे लक्ष्मीनगर, धरमपेठ, हनुमाननगर आदि) के अंतर्गत विभाजित करने के प्रस्ताव पर मंजूरी ली जाएगी।

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