भारत का पहला स्वदेशी AI मॉडल होगा तैयार, ChatGPT को देगा सीधी टक्कर
India AI Impact Summit 2026: AI के क्षेत्र में भारत मजबूत पहचान स्थापित करने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव S. Krishnan ने घोषणा की है कि देश में AI बनाया जाएगा।
- Written By: सिमरन सिंह
भारत का अपनी AI. (सौ. AI)
Sovereign AI Model India: भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव S. Krishnan ने घोषणा की है कि देश का पहला स्वदेशी संप्रभु AI मॉडल (Sovereign AI Model) फरवरी 2026 से पहले तैयार हो जाएगा। उन्होंने यह जानकारी इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 (India Mobile Congress 2025) के दौरान साझा की। कृष्णन ने कहा कि भले ही भारत ने AI रेस में देर से कदम रखा हो, लेकिन अब देश ने अपनी कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता में जबरदस्त उछाल दर्ज की है।
फरवरी से पहले लॉन्च होगा ‘Made in India’ AI मॉडल
कृष्णन ने बताया, “उम्मीद है कि इस साल के अंत तक हमारा पहला फाउंडेशनल मॉडल तैयार हो जाएगा जो पूरी तरह भारतीय होगा। और India AI Impact Summit 2026 के समय तक हम अपने संप्रभु (Sovereign) AI मॉडल को लॉन्च करने की स्थिति में होंगे।” यह समिट 19–20 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी, जहां भारत के इस क्रांतिकारी मॉडल का औपचारिक अनावरण किया जाएगा।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत ने दिखाई तेज रफ्तार
MeitY सचिव के अनुसार, भारत ने बेहद कम समय में AI के लिए विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क तैयार किया है। अब तक 38,000 GPUs (Graphics Processing Units) तैनात किए जा चुके हैं, जबकि शुरुआती लक्ष्य सिर्फ 10,000 GPUs का था। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुनियादी ढांचे में कितनी तेज प्रगति की है।
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सरकार अब इस क्षमता को और बढ़ाने पर काम कर रही है ताकि भारतीय टेक कंपनियों को अधिक GPU संसाधन मिल सकें। इसके लिए हर तिमाही में ओपन बिडिंग प्रक्रिया के जरिए नई यूनिट्स जोड़ी जा रही हैं। कृष्णन ने यह भी बताया कि देश में अब इंडिजिनस GPU (स्वदेशी ग्राफिक्स प्रोसेसर) निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। यह मिशन India Semiconductor Mission 2.0 के तहत पूरा किया जाएगा।
डेटा सुरक्षा और समावेशिता पर सरकार का फोकस
कृष्णन ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि AI का विकास समाज के हर वर्ग के लिए फायदेमंद साबित हो। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ बड़े मॉडल नहीं, बल्कि सेक्टर-विशिष्ट छोटे AI मॉडल्स भी बना रहे हैं, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त और उद्योग जैसे क्षेत्रों में उत्पादकता और प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके।” सरकार ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है जो समावेशी (inclusive) हों और देश के हर हिस्से को इस तकनीक का लाभ मिल सके।
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भारतीय डेटा पर आधारित होगा ‘Sovereign AI Model’
MeitY के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि भारत का स्वदेशी AI मॉडल पूरी तरह भारतीय डेटा सेट्स पर प्रशिक्षित (trained) होगा और यह भारतीय सर्वर्स पर होस्ट किया जाएगा। सरकार इस मिशन में 12 भारतीय कंपनियों को सहयोग दे रही है, जिनमें से कम से कम दो कंपनियां इस साल के अंत तक अपने फाउंडेशनल मॉडल तैयार कर सकती हैं।
AI में भारत की एंट्री सिर्फ शुरुआत है
भारत का यह कदम तकनीकी आत्मनिर्भरता (Tech Self-Reliance) की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। फरवरी 2026 में लॉन्च होने वाला यह Made-in-India AI मॉडल न केवल भारतीय डेटा को सुरक्षित रखेगा, बल्कि देश को वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान पर पहुंचाएगा। यह मॉडल भारत की डिजिटल शक्ति और नवाचार क्षमता का प्रतीक बनने जा रहा है।
