Trump AI Adviser: ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका, AI एडवाइजर श्रीराम कृष्णन ने पद छोड़ने का किया ऐलान
Trump AI Adviser Sriram Krishnan: ट्रंप के AI पॉलिसी एडवाइजर श्रीराम कृष्णन ने इस महीने के अंत तक पद छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने एक्स पर अमेरिकी लोगों की सेवा को अपना बड़ा सौभाग्य बताया है।
- Written By: प्रिया सिंह
ट्रंप के AI पॉलिसी एडवाइजर श्रीराम कृष्ण (सोर्स-सोशल मीडिया)
Sriram Krishnan White House Trump AI Adviser: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। उनके वरिष्ठ AI पॉलिसी एडवाइजर श्रीराम कृष्णन ने अपने पद से इस्तीफा देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह खबर तकनीकी जगत और राजनीतिक हलकों में काफी तेजी से फैल रही है। उन्होंने इस बात की पूरी जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी है।
कृष्णन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपनी भूमिका को पूरी तरह छोड़ देंगे। हालांकि उन्होंने अभी तक अपने पद छोड़ने के किसी भी स्पष्ट कारण का खुलासा नहीं किया है। वाशिंगटन में नई AI प्रणालियों की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच उनका यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। वह AI विकास के लिए राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने के प्रयासों में भी शामिल रहे हैं।
भविष्य की बड़ी योजनाओं पर फोकस
श्रीराम कृष्णन ने बताया कि वह पद छोड़ने के बाद एक छोटा सा ब्रेक लेंगे। इसके बाद वह अमेरिका के सामने AI से जुड़ी उन बड़ी चुनौतियों से निपटने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अमेरिकी लोगों की सेवा करने का यह मौका उनके जीवन का सबसे बड़ा और अहम सौभाग्य रहा है। वह इस महान अवसर के लिए हमेशा बहुत ज्यादा आभारी रहेंगे।
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श्रीराम कृष्णन एक अमेरिकी नागरिक हैं लेकिन उनका भारत के साथ बहुत ही गहरा कनेक्शन है। उनका जन्म तमिलनाडु राज्य के चेन्नई शहर में हुआ था और वहीं उनकी पूरी शुरुआती परवरिश भी हुई। उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई चेन्नई की मशहूर एसआरएम यूनिवर्सिटी से ही सफलतापूर्वक पूरी की थी। इसके बाद वे अपने करियर को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए साल 2007 में अमेरिका चले गए थे।
बड़ी टेक कंपनियों में काम का अनुभव
अमेरिका जाने के बाद कृष्णन ने कई जानी-मानी और बड़ी टेक कंपनियों में अपना शानदार काम किया। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, याहू, फेसबुक, एक्स और स्नैप जैसी दिग्गज कंपनियों में अपनी अहम सेवाएं दी हैं। उनके इस विशाल अनुभव ने उन्हें ट्रंप प्रशासन में इतनी महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी दिलाने में खासी मदद की। वे दुनिया भर की तकनीकी दुनिया में एक बहुत ही जाना-माना और प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं।
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कई सालों तक अमेरिका की अलग-अलग कंपनियों में काम करने के बाद साल 2016 में उन्होंने वहां की स्थायी नागरिकता हासिल कर ली। उनकी पत्नी आरती राममूर्ति भी भारतीय मूल की ही रहने वाली हैं। कृष्णन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब AI सुरक्षा पर व्हाइट हाउस बहुत तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में उनके जाने से नई AI नीतियों के विकास कार्य पर कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है।
