Gemini (Source. Pixabay)
3D Avatar Feature: टेक दुनिया में एक और बड़ा बदलाव होने जा रहा है। Google अपने AI चैटबॉट Gemini को पहले से ज्यादा स्मार्ट और पावरफुल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी एक ऐसा नया फीचर लाने की तैयारी में है, जिससे यूजर्स अपना खुद का 3D AI अवतार बना सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, जो सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पर्सनल कंटेंट बनाते हैं।
Android Authority की रिपोर्ट के अनुसार, Google Gemini में “Avatar” नाम का एक नया फीचर जोड़ा जा सकता है। फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और अभी तक आम यूजर्स या बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।
लीक हुए स्क्रीनशॉट्स से यह संकेत मिलता है कि यूजर्स को एक आसान स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी जाएगी, जिसकी मदद से वे अपना 3D अवतार तैयार कर सकेंगे। यह फीचर AI के साथ बातचीत को और ज्यादा पर्सनल और रियल बनाने में मदद करेगा। इससे यूजर्स को ऐसा अनुभव मिलेगा जैसे वे किसी वर्चुअल दुनिया में खुद मौजूद हों।
इस नए फीचर की मदद से यूजर्स AI द्वारा बनाई गई इमेज में खुद को शामिल कर सकेंगे। इसके लिए सिर्फ ‘@me’ जैसे कमांड का इस्तेमाल करना होगा। सबसे खास बात यह है कि बार-बार अपनी फोटो अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय की बचत होगी और काम भी आसान हो जाएगा।
यह फीचर खासतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा, क्योंकि वे कुछ ही सेकंड में पर्सनलाइज्ड और आकर्षक विजुअल्स तैयार कर सकेंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह सुविधा वीडियो AI टूल्स के साथ भी काम करेगी या नहीं।
ये भी पढ़े: AI और Deepfake पर सरकार का कड़ा एक्शन, अब 3 घंटे में हटेगा गलत कंटेंट
Google सिर्फ यहीं नहीं रुक रहा, बल्कि Gemini को AI की रेस में आगे लाने के लिए और भी कई बड़े अपडेट्स पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही यूजर्स ChatGPT और Claude जैसे प्लेटफॉर्म्स से अपनी चैट हिस्ट्री सीधे Gemini में ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके लिए “Import Memory” और “Import Chats” जैसे ऑप्शन्स दिए जा सकते हैं। यह फीचर उन यूजर्स के लिए बेहद उपयोगी होगा, जो अलग-अलग AI प्लेटफॉर्म्स के बीच आसानी से स्विच करना चाहते हैं।
इस नए अपडेट से मिडिल क्लास यूजर्स और छोटे कंटेंट क्रिएटर्स को बड़ा फायदा मिलेगा। बिना ज्यादा खर्च और टेक्निकल नॉलेज के वे हाई-क्वालिटी, पर्सनलाइज्ड कंटेंट बना सकेंगे और डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बना पाएंगे।