AI और Deepfake पर सरकार का कड़ा एक्शन, अब 3 घंटे में हटेगा गलत कंटेंट

AI Content Regulations: सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे डीपफेक और AI जनरेटेड कंटेंट को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस पर नए नियम बनाए है।
Government Takes Strict Action on AI and Deepfakes: Misleading Content to be Removed Within 3 Hours
Ai and Deepfake (Source. Freepik)
Updated on

AI Labeling Rules: सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे डीपफेक और AI जनरेटेड कंटेंट को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Instagram, Facebook और X जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का मकसद फर्जी और भ्रामक कंटेंट पर लगाम लगाना है, ताकि आम यूजर्स को सुरक्षित डिजिटल माहौल मिल सके।

AI कंटेंट पर अब अनिवार्य होगा लेबल

सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक अब Instagram, Facebook और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर AI से बनाए गए हर कंटेंट को साफ तौर पर लेबल करना जरूरी होगा। इसमें फोटो, वीडियो और ऑडियो तीनों शामिल हैं। अब यूजर्स को यह साफ दिखेगा कि कोई कंटेंट असली है या AI की मदद से तैयार किया गया है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट में ट्रेस करने योग्य मेटाडेटा भी जोड़ना होगा, जिससे उसकी पहचान आसानी से हो सके। यह कदम खास तौर पर फेक न्यूज और भ्रम फैलाने वाले कंटेंट को रोकने के लिए उठाया गया है, जिससे आम लोगों को गुमराह होने से बचाया जा सके।

3 घंटे में हटाना होगा अवैध कंटेंट

सरकार ने कंटेंट हटाने को लेकर भी कड़े नियम बनाए हैं। अब अगर किसी कोर्ट या सरकारी एजेंसी की तरफ से आदेश मिलता है, तो सोशल मीडिया कंपनियों को 3 घंटे के भीतर अवैध कंटेंट हटाना अनिवार्य होगा। यह नियम खासतौर पर डीपफेक वीडियो, भ्रामक जानकारी और आपत्तिजनक पोस्ट को तेजी से हटाने के लिए लागू किया गया है। इससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली गलत जानकारी को तुरंत रोका जा सकेगा और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ेगी।

डीपफेक और खतरनाक कंटेंट पर सख्ती

MeitY ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्लेटफॉर्म्स को ऐसे AI कंटेंट पर रोक लगाने के लिए मजबूत तकनीकी उपाय अपनाने होंगे, जो अश्लील, भ्रामक या किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल करते हों। खास तौर पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट और बिना सहमति के शेयर किए गए निजी कंटेंट पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे कंटेंट को बनाना या शेयर करना कानूनन अपराध हो सकता है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

क्या बदलेगा आम यूजर्स के लिए?

इन नए नियमों के लागू होने से सोशल मीडिया पर पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी वीडियो या फोटो से होने वाले धोखे में कमी आएगी। मिडिल क्लास यूजर्स के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि अब उनकी डिजिटल सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत होगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com