इस डिवाइस को रखा पास तो हो जाएंगे गिरफ्तार, Goa Airport से मामला वायरल

वह दोपहर 1:30 बजे कतर एयरवेज की फ्लाइट से गोवा से दोहा जा रहे थे। एयरपोर्ट जांच के दौरान उनके सामान में गार्मिन एज 540 जीपीएस डिवाइस पाया गया, जिसे प्रतिबंधित माना गया।
Gao Airport
Gao Airport पर एक शख्स ने गैरकानूनी सामने को ले जाने की कोशिश की। (सौ. AI)
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नवभारत टेक डेस्क: गोवा के मोपा स्थित मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चेक गणराज्य के नागरिक मार्टिन पोलेस्नी को 9 दिसंबर को हिरासत में लिया गया। वह दोपहर 1:30 बजे कतर एयरवेज की फ्लाइट से गोवा से दोहा जा रहे थे। एयरपोर्ट जांच के दौरान उनके सामान में गार्मिन एज 540 जीपीएस डिवाइस पाया गया, जिसे प्रतिबंधित माना गया।

गार्मिन एज 540 डिवाइस क्यों बना विवाद का कारण?

गार्मिन एज 540 एक उन्नत साइक्लिंग कंप्यूटर है, जो जीपीएस तकनीक पर आधारित है। यह डिवाइस स्पीड, डिस्टेंस और अन्य मेट्रिक्स ट्रैक करने में सक्षम है और इसमें बिल्ट-इन सैटेलाइट तकनीक होती है। हालांकि, भारत में यह डिवाइस 1933 के इंडियन वायरलेस टेलीग्राफी एक्ट का उल्लंघन करता है, क्योंकि बिना वैध लाइसेंस के इस प्रकार के उपकरण रखना कानूनन अपराध है।

क्या कहा चेक विदेश मंत्रालय ने?

चेक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डेनियल ड्रेक ने कहा, "कंप्यूटर में एक इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्रांसमीटर था। भारत में सैटेलाइट ट्रांसमीटर या इस प्रकार के उपकरण के साथ यात्रा करना प्रतिबंधित है।"

भारत में सैटेलाइट डिवाइस पर प्रतिबंध

भारत में आम जनता के लिए सैटेलाइट फोन और उपकरण का उपयोग प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हालांकि, गार्मिन एज 540 डिवाइस भारत में आसानी से उपलब्ध है, लेकिन यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन का समर्थन नहीं करता।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मार्टिन पोलेस्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, "आरोपी गैजेट का इस्तेमाल करने के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका।" उन्हें 1933 के इंडियन वायरलेस टेलीग्राफी एक्ट के तहत गोवा पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस जारी किया गया है।

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