अब फर्जी वीडियो से नहीं होगी कमाई, एलन मस्क के X ने बदले नियम, AI कंटेंट पर लगेगा सख्त एक्शन
Elon Musk X New Policy: X ने अपने क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम में बदलाव करने का फैसला किया है। Elon Musk के इस प्लेटफॉर्म ने साफ कर दिया है कि अब AI से बनी गलत वीडियों पर सख्ती होगी।
- Written By: सिमरन सिंह
AI Video (Source. Freepik)
AI Fake Videos Rule On X: दुनिया के सबसे चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने अपने क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अरबपति कारोबारी Elon Musk के स्वामित्व वाले इस प्लेटफॉर्म ने साफ कर दिया है कि अब एआई से बने भ्रामक वीडियो पर सख्ती की जाएगी, खासकर तब जब दुनिया में युद्ध या तनाव जैसी संवेदनशील परिस्थितियां चल रही हों।
कंपनी का यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलने की आशंका बढ़ रही है। एक्स का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर भरोसेमंद और सही जानकारी बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
अपनी नीतियों में बदलाव कर रही है कंपनी
एक पोस्ट में एक्स के प्रोडक्ट हेड Nikita Bier ने कहा कि कंपनी अपनी नीतियों को अपडेट कर रही है ताकि युद्ध जैसे संवेदनशील समय में लोगों तक सही जानकारी पहुंचे। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने फर्जी वीडियो बनाना बेहद आसान बना दिया है। ये वीडियो इतने असली लगते हैं कि आम यूजर्स आसानी से भ्रमित हो सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
निकिता बियर ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में पाकिस्तान में एक व्यक्ति 31 अलग-अलग अकाउंट चला रहा था, जिन पर एआई से बनाए गए युद्ध के वीडियो पोस्ट किए जा रहे थे। ये सभी अकाउंट पहले से हैक किए गए थे और बाद में इनके नाम बदल दिए गए थे।
असली और AI कंटेंट की पहचान कैसे होगी
नई नीति के तहत अगर कोई यूजर AI से बने युद्ध से जुड़े वीडियो पोस्ट करता है और यह स्पष्ट नहीं करता कि कंटेंट एआई से तैयार किया गया है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। कंपनी ने कहा है कि ऐसे मामलों में यूजर को 90 दिनों के लिए रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम से निलंबित कर दिया जाएगा। अगर कोई बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे इस प्रोग्राम से स्थायी रूप से बाहर भी किया जा सकता है।
इसके अलावा प्लेटफॉर्म ने “Made with AI” नाम का नया लेबल भी शुरू किया है। यह टैग उन पोस्ट पर दिखाई देगा जिनमें एआई से तैयार किया गया कंटेंट शामिल होगा, ताकि यूजर्स आसानी से समझ सकें कि यह असली वीडियो नहीं है।
ये भी पढ़े: सस्ता iPhone लेना है या प्रीमियम? iPhone 17e और iPhone 17 में क्या फर्क है, खरीदने से पहले जरूर जान लें
गलत जानकारी रोकने की कोशिश
कंपनी का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी खबरों को फैलने से रोका जा सकेगा। हाल ही में Ali Khamenei की कथित मौत से जुड़ी अफवाहों ने वैश्विक तनाव को और बढ़ा दिया था। इन घटनाओं के बीच एलन मस्क और निकिता बियर ने बताया कि एक्स पर ट्रैफिक अब रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, क्योंकि दुनिया भर के लोग ताजा खबरों और अपडेट के लिए इस प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
