Viral Photo असली है या AI का खेल? अब ऐसे पकड़ें नकली तस्वीरों की सच्चाई, वरना पड़ सकता है भारी
AI Photo Detection: आज का समय सोशल मीडिया का हो गया है जहां रोजाना हजारों तस्वीरें वायरल होती हैं। जिसमें ससे कई तस्वीरें ऐसी भी होती है जो लोगों को हैरान कर देती है, जिसपर लोग भरोसा कर लेते है।
- Written By: सिमरन सिंह
AI Photo Detection (Source. Gemini)
AI Photo Detection By Image Verification: आज का समय सोशल मीडिया का हो गया है जहां रोजाना हजारों तस्वीरें वायरल होती हैं। जिसमें ससे कई तस्वीरें ऐसी भी होती है जो लोगों को हैरान कर देती है और कई बार लोग बिना सोचे-समझे उन्हें सच भी मान लेते हैं। लेकिन आज के AI वाले दौर में किसी भी वायरल फोटो पर भरोसा करना खतरे से खाली नहीं है। अब नई आने वाली AI तकनीक ऐसी तस्वीरें बना रही है जो पहली नजर में बिल्कुल असली जैसी लगती है।
पहले जब AI आया था तो उससे बनी तस्वीरों को पहचानना आसान था क्योंकि उसमें चेहरे में यह आस पास कुछ ना कुछ बिगड़ा हुए दिखता था लेकिन अब टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि असली और नकली तस्वीर में फर्क करना हद से ज्यादा मुश्किल हो गया है।
AI फोटो में कहां छिपी होती है गलती?
वैसे तो AI इमेज पहले से ज्यादा रियलिस्टिक हो गई हो गई है लेकिन उनमें अब भी आप कुछ छोटी गलतियां को पकड़ सकते है। देखा गया है कि कई तस्वीरों में हाथों की उंगलियां अजीब दिखती हैं, तो कई में दांत असामान्य लगते हैं या चश्मा और ज्वेलरी सही तरीके से नजर नहीं आते। वहीं AI वाली इमेज में देखा गया है कि इसमें लिखा हुआ टेक्स्ट कई बार उल्टा-पुल्टा या समझ से बाहर होता है। इसके अलावा इस तरह की तस्वीर पहचानने के लिए फोटो में रोशनी और छाया का तालमेल देखना चाहिए जो गड़बड़ लगे या भीड़ में लोगों के चेहरे एक जैसे दिखें, तो वह AI जनरेटेड तस्वीर होती है।
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ChatGPT और Gemini कैसे पकड़ते हैं AI फोटो?
देखा जा रहा है कि अब बड़ी टेक कंपनियां भी AI इमेज की पहचान के लिए नए टूल्स ला रही हैं। जिसमें OpenAI ने ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो यह पता लगाने में मदद करता है कि कोई तस्वीर AI से बनाई गई है या एडिट की गई है। इसमें यूजर फोटो अपलोड करके उसमें मौजूद डिजिटल पैटर्न और AI संकेतों की जांच कर सकते हैं। इसके साथ ही Google का Gemini भी SynthID तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है जो AI इमेज में मौजूद खास डिजिटल मार्कर्स को पहचानने में सक्षम होती है। इसमें Gemini ऐप में फोटो अपलोड करके सीधे पूछा जा सकता है कि तस्वीर AI जनरेटेड है या नहीं।
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Reverse Image Search भी है बड़ा हथियार
किसी भी AI फोटो की सच्चाई जानने के लिए Reverse Image Search भ बेहद कारगर तरीका माना जाता है। जिसमें तस्वीर को सर्च इंजन पर अपलोड करके पता लगाया जा सकता है कि वह इंटरनेट पर पहली बार कब और कहां देखी गई थी। ऐसे में आप देख सकते है कि कही एक ही फोटो अलग-अलग दावों के साथ वायरल हो तो नहीं हो रही। जिससे उसके फेक होने की संभावना बढ़ जाती है।
