छत्रपति संभाजीनगर मनपा का बड़ा फैसला! अब टैक्स वसूली का 2% हिस्सा स्मार्ट सिटी को, प्रशासन ने दी मंजूरी

Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका अब अपनी कुल कर वसूली का 2% हिस्सा स्मार्ट सिटी कंपनी को देगी। ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्रणालियों के रखरखाव के लिए आयुक्त ने मंजूरी दी।
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Smart City Fund: छत्रपति संभाजीनगर मनपा की कुल कर वसूली आय से 2 प्रतिशत निधि स्मार्ट सिटी को देने का प्रस्ताव प्रशासनिक स्तर पर मंजूर कर लिया गया है। 3 फरवरी को मनपा आयुक्त जी। श्रीकांत ने इस संबंध में प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से मनपा से 4 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निधि की भी मांग की गई है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने मनपा को उपलब्ध कराए जा रहे तकनीकी सहयोग, ई-गवर्नेस प्रणाली के संचालन तथा उनके रखरखाव के लिए स्थायी आर्थिक व्यवस्था करने की मांग पहले की थी। इसी के आधार पर कर वसूली से 2 प्रतिशत निधि देने का निर्णय लिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

स्मार्ट सिटी कंपनी ने महानगरपालिका के लिए कर वसूली और नागरिक सेवाओं से जुड़ी कई डिजिटल प्रणालियां विकसित की हैं। ई-गवर्नेस के अंतर्गत 39 मॉड्यूल, व्हाट्सएप चैटबॉट, बीपीएमएस, पेमेंट गेटवे और "स्मार्ट सिटीजन" मोबाइल ऐप शामिल हैं। इन प्रणालियों से कर भुगतान की प्रक्रिया सरल हुई है और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ने का दावा प्रशासन ने किया है। हालांकि इन प्रणालियों के नियमित संचालन, तकनीकी रखरखाव और समय-समय पर सुधार के लिए लगातार निधि की आवश्यकता बताई गई है।

इस प्रस्ताव पर छत्रपति संभाजीनगर मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत के साथ नगर सचिव नंदकिशोर भोंबे, उपआयुक्त विकास नवाले और प्रसाद देशपांडे सहित अन्य अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।

4 करोड़ अतिरिक्त निधि देने की मांग

स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी. श्रीकांत ने मनपा से 4 करोड़ रुपए की अतिरिक्त निधि की मांग भी की है। उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी सेवाओं और भविष्य में सॉफ्टवेयर विकास के खर्च को देखते हुए यह राशि आवश्यक बताई गई है। कर वसूली आय से 2 प्रतिशत निधि मिलने के निर्णय से कंपनी को आर्थिक स्थिरता मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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