AI के बढ़ते खतरे से परेशान Instagram, असली और नकली कंटेंट में फर्क करना बना बड़ी चुनौती

Instagram AI Warning: सोशल मीडिया की दुनिया तेजी से बदल रही है और AI ने इस बदलाव को और भी गहरा कर दिया है। AI के बढ़ते प्रभाव ने Instagram के हेड Adam Mosseri की चिंता बढ़ा दी है।
Concerned about the growing threat of AI, Instagram faces a major challenge in distinguishing between real and fake content.
Instagram (Source. Freepik)
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Adam Mosseri AI Warning: सोशल मीडिया की दुनिया तेजी से बदल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने इस बदलाव को और भी गहरा कर दिया है। AI के बढ़ते प्रभाव ने Instagram के हेड Adam Mosseri की चिंता बढ़ा दी है। उनका मानना है कि AI की वजह से अब प्लेटफॉर्म पर असली और फेक कंटेंट के बीच फर्क करना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है। यही नहीं, उन्होंने यूजर्स को यह भी चेतावनी दी है कि परफेक्ट और पॉलिश्ड फोटोज का दौर अब लगभग खत्म होने वाला है।

AI से खतरे में Instagram की ऑथेंटिसिटी

एडम मोसेरी ने स्वीकार किया है कि बदलती तकनीक के इस दौर में Instagram के लिए असली और नकली कंटेंट के बीच अंतर बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। उनके मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब किसी भी व्यक्ति, फोटो या वीडियो की नकल करना बेहद आसान हो गया है। इससे प्लेटफॉर्म की ऑथेंटिसिटी यानी प्रामाणिकता पर सीधा असर पड़ रहा है और यूजर्स का भरोसा भी डगमगा सकता है।

AI के आगे बेबस हुआ Meta?

अपने न्यू ईयर पोस्ट में एडम मोसेरी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने माना कि AI द्वारा बनाई गई तस्वीरों और वीडियो को पहचानना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि Meta जहां AI को और एडवांस बनाने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रहा है, वहीं Instagram खुद फेक कंटेंट को पूरी तरह पहचान पाने में सक्षम नहीं है। मोसेरी ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में AI से बने कंटेंट को सौ फीसदी पकड़ पाना बेहद चुनौतीपूर्ण है।

फेक पकड़ने से ज्यादा आसान है असली की पहचान

इस समस्या के समाधान को लेकर एडम मोसेरी ने एक अहम सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि फेक कंटेंट को पकड़ने के बजाय असली मीडिया की पहचान करना ज्यादा कारगर तरीका हो सकता है। इसी दिशा में उन्होंने कैमरा कंपनियों से अपील की है कि फोटो क्लिक करते समय उनमें डिजिटल सिग्नेचर जोड़ा जाए। इससे यह पता चल सकेगा कि तस्वीर असली कैमरे से ली गई है या AI द्वारा बनाई गई फेक इमेज है।

क्या खत्म हो रहा है परफेक्ट फीड का दौर?

अब तक Instagram को परफेक्ट और फिल्टर्ड इमेज के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन मोसेरी का कहना है कि यह ट्रेंड अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। AI के इस युग में लोग अब पॉलिश्ड तस्वीरों के बजाय रॉ और अनफिल्टर्ड कंटेंट पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में Instagram फीड पर सिंथेटिक यानी AI जनरेटेड कंटेंट का दबदबा बढ़ सकता है। इसी चुनौती को देखते हुए Instagram अब AI कंटेंट लेबलिंग और ओरिजिनल कंटेंट को बेहतर रैंकिंग देने पर काम कर रहा है, ताकि यूजर्स का भरोसा और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बनी रहे।

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