

Farmer AI Tool To Girl Hostel: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 के भाषण में गांव, किसान, बेटियां, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर सबको एक साथ छूने वाले कई बड़े ऐलान किए हैं। इस बजट का फोकस सिर्फ आंकड़ों पर नहीं, बल्कि आम और लोअर मिडिल क्लास परिवारों की रोज़मर्रा की जरूरतों और भविष्य की सुरक्षा पर साफ नजर आता है।
बजट में किसानों के लिए भारत विस्तार AI एग्री टूल की घोषणा की गई है। इस टूल की मदद से किसानों को फसल, मौसम, मिट्टी और बाजार से जुड़ी जानकारी समय पर मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि AI आधारित सलाह से खेती की लागत घटेगी और पैदावार बढ़ेगी, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान किया है। अब हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा। इससे दूर-दराज से पढ़ने आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा मिलेगी और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी।
बजट 2026-27 में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के लिए राज्यों के सहयोग से देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे। इससे इलाज के साथ-साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज' पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसका लक्ष्य 2047 तक सेवाक्षेत्र में भारत की 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात को प्राथमिकता देगी और AI जैसी उभरती तकनीकों के रोजगार व स्किल पर असर का आकलन कर सिफारिशें देगी।
निवेश बढ़ाने के लिए विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों (PROI) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के तहत सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश की अनुमति दी जाएगी। उनकी निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। साथ ही बैंकिंग सेक्टर को नई विकास यात्रा के अनुरूप ढालने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।
पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 किसानों से लेकर बेटियों और नौकरीपेशा वर्ग तक, हर तबके को जोड़ने की कोशिश करता नजर आता है।