मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर, अब Android फोन होंगे और भी तेज, Google ला रहा नई टेक्नोलॉजी
Android Performance: एंड्रॉयड फोन अक्सर धीमा चलता है या ऐप्स खुलने में ज्यादा समय लेते हैं, तो अब आपके लिए राहत की खबर है। Google एंड्रॉयड स्मार्टफोन की स्पीड और परफॉर्मेंस को बेहतर करने वाली है।
- Written By: सिमरन सिंह
Android performance (Source. Pixabay)
Google Android Update: अगर आपका एंड्रॉयड फोन अक्सर धीमा चलता है या ऐप्स खुलने में ज्यादा समय लेते हैं, तो अब आपके लिए राहत की खबर है। टेक दिग्गज Google एंड्रॉयड स्मार्टफोन की स्पीड और परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए एक नई ऑप्टिमाइजेशन टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है।
इस नई तकनीक का नाम Automatic Feedback Directed Optimisation (AutoFDO) है। कंपनी का दावा है कि इसके जरिए एंड्रॉयड डिवाइस पहले से ज्यादा तेज, स्मूद और बैटरी के लिहाज से ज्यादा एफिशिएंट बन सकते हैं।
क्या है AutoFDO टेक्नोलॉजी?
Google की Android LLVM टूलचेन टीम के अनुसार AutoFDO एक ऐसी तकनीक है जो स्मार्टफोन के सिस्टम को ज्यादा समझदारी से ऑप्टिमाइज करने में मदद करती है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐप्स को जल्दी लॉन्च करना, यूजर एक्सपीरियंस को स्मूद बनाना और डिवाइस की कुल परफॉर्मेंस को बेहतर करना है। यह टेक्नोलॉजी खास तौर पर Android सिस्टम के उस हिस्से पर काम करती है जिसे Android Kernel कहा जाता है। यही कर्नेल फोन के हार्डवेयर, प्रोसेसर और ऐप्स के बीच समन्वय बनाने का काम करता है।
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कर्नेल में छोटा बदलाव, बड़ा फायदा
Google के मुताबिक Android Kernel फोन के CPU समय का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा मैनेज करता है। इसलिए अगर कर्नेल में थोड़ा भी सुधार किया जाए तो पूरे स्मार्टफोन की स्पीड और परफॉर्मेंस में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है।
नई तकनीक लैब में किए गए विशेष परीक्षणों के डेटा पर आधारित है। टेस्ट के दौरान प्रोफाइलिंग टूल्स यह पता लगाते हैं कि कर्नेल के कौन-से हिस्से सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। इन्हें “हॉट कोड पाथ” कहा जाता है। इसके बाद AutoFDO इस जानकारी का उपयोग करके कंपाइलर को यह निर्देश देता है कि कोड को किस तरह व्यवस्थित किया जाए ताकि सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले हिस्से ज्यादा तेजी से काम कर सकें।
अब पहले से तेज होगा फोन का बूट टाइम
Google की शुरुआती इंटरनल टेस्टिंग में इस तकनीक के काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कंपनी के अनुसार AutoFDO के इस्तेमाल से फोन का बूट टाइम लगभग 2.1 प्रतिशत तक तेज हो गया है। इसके अलावा कोल्ड ऐप लॉन्च टाइम में 4.3 प्रतिशत सुधार देखा गया है, यानी जब आप पहली बार कोई ऐप खोलते हैं तो वह पहले से ज्यादा जल्दी खुल सकता है।
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यूजर एक्सपीरियंस होगा ज्यादा स्मूद
बूट टाइम वह समय होता है जो किसी स्मार्टफोन को ऑन होने, ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होने और होम स्क्रीन तक पहुंचने में लगता है। आमतौर पर मिड-रेंज एंड्रॉयड फोन में यह समय लगभग 20 से 40 सेकंड तक होता है। Google की यह नई ऑप्टिमाइजेशन तकनीक इसी प्रक्रिया को तेज और बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। यदि यह तकनीक बड़े स्तर पर लागू होती है, तो आने वाले समय में Android फोन पहले से ज्यादा तेज, स्मूद और स्मार्ट अनुभव दे सकते हैं।
